- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे एक अप्रैल से पूरी तरह कैशलेस होगा, नई व्यवस्था में हाई-स्पीड कैमरे का होगा उपयोग।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर एक अप्रैल से सफर महंगा होगा। टोल दरों में पांच प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होगी। अभी तक काशी टोल से सराय काले खां तक कार और जीप की टोल दरें 170 रुपये है। एक अप्रैल से यह 175 रुपये हो जाएगी। एनुअल फास्टैग पास भी 3000 रुपये से बढ़कर 3075 रुपये का हो जाएगा। 31 मार्च रात 12 बजे से बढ़ी दरें लागू होंगी।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार के पत्र का हवाला देते हुए काशी टोल के प्रबंधक सुनील ने बताया कि टोल दरों में पांच प्रतिशत तक की वृद्धि प्रस्तावित है। नई दरें 31 मार्च की रात को सार्वजनिक की जाएंगी।दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर काशी टोल से सराय काले खां तक कार और जीप की टोल दरें अभी 170 रुपये है। हल्के व्यावसायिक वाहन का एक तरफ का मेरठ तक टोल 275 रुपये है। बस-ट्रक की टोल दरें 580 रुपये है। यह दरें क्रमश: 175 रुपये, 280 रुपये व 590 रुपये होगी।
काशी टोन प्लाजा एक अप्रैल से पूरी तरह कैशलेस हो जाएगा। वाहन स्वामियों को फास्टैग सक्रिय रखते हुए टोल टैक्स चुकाना होगा या फिर टोल बूथ पर बार कोड से यूपीआइ के माध्यम से टोल टैक्स चुकाना होगा। इसके लिए वाहन चालकों को एंड्रायड मोबाइल फोन रखना मजबूरी होगा। नकद या अन्य स्थित में टोल पार करना संभव नहीं होगा।
मेरठ एक्सप्रेसवे पर नई व्यवस्था में हाई-स्पीड कैमरे और आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। कैमरे वाहन के नंबर प्लेट और फास्टैग को स्कैन करके स्वत: भुगतान काट लेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ट्रैफिक जाम और ईंधन की खपत भी कम होगी।
एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक प्रबंधन को आधुनिक बनाने के लिए एटीएमएस रिफर्बिशमेंट प्रोजेक्ट के तहत काशी टोल प्लाजा से डासना के बीच उन्नत ट्रैफिक पोस्ट, नए हाईटेक कैमरे और व्हीकल स्पीड डिटेक्शन सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं। प्रत्येक 500 मीटर एक सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। काशी टोल प्लाजा पर कंट्रोल रूम बनाया गया है।
डिवाइडर के बीच हर 20 मीटर पर बिजली के पोल लगाए जा रहे हैं, जिन पर सोलर पैनल और एलईडी लाइटें लगाई जा रही है। इससे रात के समय पूरा एक्सप्रेसवे दूधिया रोशनी से जगमग रहेगा। काशी टोल प्लाजा पर स्थापित होने वाली ट्रैफिक पोस्ट पर यातायात पुलिस के साथ-साथ नर्सिंग स्टाफ भी तैनात होगा।


