Homeउत्तर प्रदेशMeerutगीता का लक्ष्य मनुष्य को कर्तव्य बोध कराना

गीता का लक्ष्य मनुष्य को कर्तव्य बोध कराना

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  • श्री गीता जयंती पर्व पर हुआ ‘एक मिनट एक साथ गीता पाठ’ का आयोजन।
  • मोक्षदा एकादशी श्री गीता जयंती पर्व पर समाज के सभी वर्गों के साथ माताएं,बहने,बच्चे सभी एक साथ एक मिनट गीता पाठ में हुए समिलित।
  • गीता श्लोकों का ज्ञान सर्वोच्च, ज्ञान प्राप्त होने पर सभी शंकाएं दूर हो जाती है-जीवन प्रबंधन आध्यत्मिक गुरु महंत आचार्य मनीष स्वामी
  • गीता का लक्ष्य मनुष्य को कर्तव्य बोध कराना-जीवन प्रबंधन आध्यत्मिक गुरु महंत आचार्य मनीष स्वामी।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। आज नौचंदी श्री बालाजी मंदिर प्रांगण में मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि में श्री गीता जयंती पर्व मनाया गया मंदिर के संस्थापक पूज्य गुरुदेव पं नरेंद्र स्वामी जी महाराज द्वारा दीप प्रज्वलित किया गया। उसके उपरांत गीता ज्ञान संस्थान वैश्विक अभियान के तहत एक मिनट एक साथ गीता पाठ हुआ। जिसमें नौचंदी, प्रीत विहार, राजेन्द्र नगर कैलाश पुरी, पूर्वी कल्याण नगर के सभी क्षेत्रवासी उपस्थित हुए।

 

 

जीवन प्रबंधन आद्यात्मिक धर्म गुरु महंत आचार्य मनीष स्वामी ने कहा कि आज प्रभु योगेश्वर श्री कृष्ण की अमृतमयी वाणी श्री गीता जी का घर घर जन जन तक उदघोष एक अखंड भारत के संकल्पना को साकार करता हुआ प्रतीत होता है। गीता जी को विश्व के सबसे महान ग्रंथो में से एक माना जाता है। हम जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में श्री गीता जी के श्लोकों से जीवन जीने की कला भी सीखते है सांसारिक दुखो कष्टों से मुक्ति पाते है। गीता की शुरूआत धर्म और अंत कर्म से होता है।

श्री गीता जयंती कार्यक्रम में श्री योगेंद्र,अनिल गुप्ता, ज्ञानेश्वर शर्मा, श्यामसुंदर शर्मा, सतीश शर्मा, सोनिका, वंशिका , राशि, अमृत, विशाखा, लक्ष्मी उपस्थित रहे।

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