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Monday, January 19, 2026
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Homeउत्तर प्रदेशMeerutMeerut News: सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ेंगी स्ट्रीट लाइड

Meerut News: सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ेंगी स्ट्रीट लाइड

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– पुरानी छवि छोड़कर स्मार्ट और हाइटेक बनेगा शहर, नई तकनीक से जगमग होंगी शहर की सड़कें।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख शहर और क्रांति धरा मेरठ अब अपनी पुरानी छवि को तोड़कर एक ‘स्मार्ट और हाईटेक’ शहर बनने की दिशा में एक विशाल छलांग लगाने जा रहा है।

 

 

अक्सर शाम ढलते ही शहर के कई प्रमुख मार्ग अंधेरे के आगोश में समा जाते थे। कहीं स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी होती थी, तो कहीं उसे आॅन करने वाला कर्मचारी नदारद रहता था। लेकिन अब, मेरठ नगर निगम ने इस समस्या का एक ऐसा तकनीकी समाधान खोज निकाला है, जो किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा प्रतीत होता है।

कल्पना कीजिए कि सड़क पर कोई वाहन नहीं है, तो स्ट्रीट लाइट धीमी जल रही है, और जैसे ही आपकी गाड़ी वहां पहुंचती है, लाइट पूरी क्षमता से जगमगा उठती है। यह कोई सपना नहीं, बल्कि मेरठ की हकीकत बनने जा रहा है।

नगर निगम ने शहर की प्रकाश व्यवस्था को ‘सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम’ से जोड़ने का फैसला किया है। अब स्ट्रीट लाइटों को जलाने और बुझाने के लिए खंभों के पास जाकर स्विच दबाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि यह काम कंट्रोल रूम में बैठी उंगलियों के एक ‘टच’ से होगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए नगर निगम ने पहले चरण में 1500 लाइटों के लिए टेंडर जारी कर दिया है।

यह कदम न केवल शहर को स्मार्ट बनाएगा, बल्कि बिजली की भारी बचत और सुरक्षा व्यवस्था को भी चाक-चौबंद करेगा।

क्या है यह ‘जादुई’ प्रोजेक्ट: मेरठ नगर निगम ने जिस व्यवस्था को अपनाने का निर्णय लिया है, उसे तकनीकी भाषा में सीसीएमएस यानी ‘सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम’ कहा जाता है।
सरल भाषा में समझें तो यह पूरे शहर की लाइटों को एक ही कमरे से संचालित करने की तकनीक है। तीन करोड़ का बजट और आईआईटी का दिमाग इस पूरे प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार करने में देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी दिल्ली के तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली गई है। उनकी राय और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर ही निविदा निकाली गई है।

इस प्रोजेक्ट के लिए अवस्थापना निधि से 3 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पायलट प्रोजेक्ट की शुरूआत चूंकि यह तकनीक मेरठ के लिए नई है, इसलिए प्रशासन ने इसे सीधे पूरे शहर में लागू करने के बजाय पहले ‘पायलट प्रोजेक्ट’ के तौर पर शुरू करने का फैसला किया है। नगर निगम का उद्देश्य है कि, पहले इन 1500 लाइटों के जरिए सिस्टम की सफलता को परखा जाए और फिर चरणबद्ध तरीके से शहर की सभी 56,000 स्ट्रीट लाइटों को इस सिस्टम से जोड़ दिया जाए।

कुल लाइटें: 1500 (प्रथम चरण में)
टेंडर खुलने की तारीख: 7 फरवरी
प्री-बिड मीटिंग: 21 जनवरी
लक्षित क्षेत्र: शहर के प्रमुख मार्ग और चौराहे

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