– खाड़ी में हालात चिंताजनक, जंग पर लोकसभा में बोले पीएम मोदी।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में बोल रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और उसकी वजह से भारत के सामने आई चुनौतियों पर अपनी बात रखने के लिए खड़ा हुआ है। एस जयशंकर और हरदीप पुरी ने जानकारी दी है। इस संकट को अब तीन हफ्ते से ज्यादा हो रहे हैं। पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह कर रही है। इस युद्ध ने भारत के सामने भी अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
पश्चिम एशिया संघर्ष पर प्रधानमंत्री मोदी बोले… हमें तैयार रहना चाहिए और एकजुट रहना चाहिए
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पश्चिम एशिया संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “इस युद्ध से दुनिया में जो मुश्किल हालात बने हैं, उनका असर लंबे समय तक रहने की संभावना है, इसलिए हमें तैयार रहना चाहिए और एकजुट रहना चाहिए। हमने COVID के समय में एकता के साथ ऐसी चुनौतियों का सामना किया है और अब हमें फिर से तैयार रहने की ज़रूरत है…”
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की संसद से भी यह संदेश दुनिया में जाना चाहिए कि संकट का जल्द समाधान हो। उन्होंने युद्ध के बीच स्वदेश लौटे भारतीयों की जानकारी सदन में दी और कहा कि भारतीयों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारे मिशन प्रभावित देशों में लगातार भारतीयों की मदद कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार अलग-अलग देशों के सप्लायर्स के साथ संपर्क में है। प्रयास ये है कि जहां से संभव हो वहां से तेल और गैस की सप्लाई होती रहे। सरकार गल्फ और आसपास के वैकल्पिक रूट पर नजर बनाए हुए हैं। हम प्रयास कर रहे हैं कि सभी जरूरी चीजों के सामान भारत तक सुरक्षित पहुंचते रहें। बीते दिनों में कई जहाज भारत आए भी हैं। ढट मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया के हालात चिंताजनक हैं। पूरी दुनिया इस संकट को खत्म करने के लिए सभी पक्षों से जल्द से जल्द हल निकालने का आह्वान कर रही है। मोदी ने कहा कि कच्चा तेल, गैस और खाद हॉर्मूज स्ट्रेट से भारत आते हैं। यहां से जहाजों का आना-जाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में भारत सरकार का प्रयास है कि आपूर्ति बाधित ना हो। देश के आम नागरिकों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। भारत छढॠ का देश का 60 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। इसलिए देश में इसके उत्पादन को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार संवेदनशील भी है, सतर्क भी है और हर सहायता के लिए तत्पर भी है। भारत में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस और फर्टिलाइजर जैसी अनेक जरूरी चीजें हॉर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से आती हैं। युद्ध के बाद से ही हॉर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आना जाना बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसके बावजूद हमारी सरकार का प्रयास रहा है कि पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई बहुत ज्यादा प्रभावित न हो, इस पर हमारा फोकस रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ये चुनौतियां आर्थिक भी हैं, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी भी है और मानवीय भी हैं। युद्धरत और युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक रिश्ते हैं। जिस क्षेत्र में ये युद्ध हो रहा है, वह दुनिया के दूसरे देशों के साथ हमारे व्यापार का भी एक महत्वपूर्ण रास्ता है। विशेष रूप से कच्चे तेल और गैस की हमारी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा यही क्षेत्र पूरा करता है।


