काठमांडू। नेपाल चुनाव के सामने आए नतीजों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को ऐतिहासिक भारी जीत मिली है। इसका नेतृत्व उसके प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बालेंद्र बलेन शाह कर रहे हैं। 5 मार्च को हुए आम चुनावों के बाद आरएसपी अभी सीधे चुनी गई 165 सीटों में से लगभग 110 पर आगे चल रही है।

इस पार्टी के बेहतरीन प्रदर्शन के बाद नेपाल की राजनीति के पुराने नेताओं का लगभग सफाया हो गया है। यह जीत जेनजी के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के एक उथल-पुथल भरे साल के बाद आई है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने सितंबर 2025 में पिछली केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार को गिरा दिया था। इस प्रदर्शन के दौरान पारंपरिक पार्टियों को पूरी तरह से खारिज करने का संकेत साफ तौर पर नजर आया था।
भारत के नजरिए से अगर इसे देखें तो ये नतीजा एक बड़े बदलाव को दिखा रहा है। बालेन शाह सिर्फ नेपाल के एक नए प्रधानमंत्री नहीं होंगे बल्कि वे एक मजबूत, टेक्नोक्रेटिक और बिना किसी समझौते के राष्ट्रवादी पीढ़ी का चेहरा हैं जो नई दिल्ली के साथ खास रिश्ते को ऐतिहासिक जिम्मेदारी के बजाय बराबरी के नजरिए से देखती है।
नेपाल में इनका प्रभुत्व होने से की वजह से भारत इन्हीं से अच्छे रिश्तों पर जोर देता था, लेकिन इस बार के चुनावी नतीजें बिल्कुल अलग होने से ये बिल्कुल उलटने वाला है। बालेन शाह का आगे बढ़ना इस अंदाजे वाले दौर के अंत का संकेत है।


