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Thursday, January 15, 2026
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Homeउत्तर प्रदेशMeerutअदालत ने रफीक को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

अदालत ने रफीक को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

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  • 1992 में हापुड़ रोड पर जाम लगाने और तोड़फोड़ के मामले में हुआ था मुकदमा दर्ज, तभी से रफीक थे फरार

शारदा रिपोर्टर

मेरठ। इलाहाबाद हाईकोर्ट से गैर जमानती वारंट के मामले में सपा विधायक रफीक अंसारी को सोमवार को पुलिस ने बाराबंकी के जैदपुर से गिरफ्तार कर लिया। नौचंदी पुलिस विधायक को बाराबंकी से कार से मेरठ लेकर आई। इसके बाद जिला अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद कई कड़ी सुरक्षा में विधायक रफीक अंसारी को रात 8.50 पर एसीजेएम प्रथम-एमपीएम/एलए की कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। बताया गया कि पुलिस ने विधायक को चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में दाखिल कराया है।

पुलिस विधायक रफीक अंसारी की गिरफ्तारी के लिए कई दिनों से ताबड़तोड़ दबिश दे रही थी।1992 में हापुड़ रोड पर जाम लगाने और तोड़फोड़ के एक मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। मेरठ पुलिस ने रफीक अंसारी समेत कई लोगों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।अदालत ने रफीक अंसारी के खिलाफ 101 वारंट जारी किए लेकिन पुलिस ने गिरफ्तारी नहीं की।

यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो अदालत ने डीजीपी को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे।सपा विधायक रफीक अंसारी लखनऊ गए थे और सोमवार को मेरठ लौट रहे थे। इसी दौरान बाराबंकी में जैदपुर और सफदरगंज थाना क्षेत्र की सीमा में पड़ने लखनऊ अयोध्या हाईवे के अहमदपुर टोल प्लाजा के पास पुलिस की एक टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

कोर्ट के बाहर लगाए रफीक अंसारी जिंदाबाद के नारे: कोर्ट के बाहर विधायक के पहुंचने पर सपा कार्यकतार्ओं ने रफीक अंसारी जिंदाबाद के नारे लगाए। रफीक अंसारी तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं, अखिलेश यादव जिंदाबाद और समाजवादी पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाए। सपा जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी, आदिल चौधरी समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सैकड़ों वारंट जारी होने पर भी पेश नहीं हो रहे थे रफीक
मेरठ। वर्ष 1995 में 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ एक रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें 22 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने आरोप पत्र प्रस्तुत किया था। सपा विधायक रफीक अंसारी भी आरोपी थे। संबंधित अदालत ने वर्ष 1997 में इस पर संज्ञान लिया था।इसके बाद से ही सपा विधायक के गैर जमानती वारंट जारी हुए और वह लगातार अदालत से गैर हाजिर चल रहे थे। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीजीपी को सपा विधायक को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किए जाने के आदेश दिए थे।

कराएंगे धोखाधड़ी की रिपोर्ट: कमलदत्त शर्मा

भाजपा के शहर विधानसभा प्रत्याशी रहे कमलदत्त शर्मा ने रफीक अंसारी की गिरफ्तारी के बाद कहा कि उन्होंने झूठा ब्योरा देकर चुनाव लड़ा है। अपने नामांकन के दौरान झूठा शपथ पत्र दिया था। जिसमें सिर्फ सिविल लाइन थाने में दर्ज एक मुकदमे का ही उल्लेख किया था। यह मामला धोखाधड़ी का है। जिसमें आजीवन कारावास तक का प्रावधान है। इस मामले में अपने अधिवक्ता से बातचीत करके सपा विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएंगे।

न्यायालय पर पूरा विश्वास: रफीक अंसारी

इस मामले में गैर जमानती वारंट जारी होने पर जब सपा विधायक रफीक अंसारी से बात की गई थी तो उनका कहना था कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। अब इनकी गिरफ्तारी हो गई है।

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