– वोटर आईडी विरोधियों की साजिश।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। पाकिस्तानी महिला सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया की गिरफ्तारी को उनके अधिवक्ता वीके शर्मा कोर्ट में चुनौती देंगे। उनका आरोप है कि पुलिस ने गलत तरीके से सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया को गिरफ्तार किया है। वह लान्ग टर्म वीजा पर यहां हैं, जो 2027 तक वैलिड है। जहां तक बात नकली वोटर कऊ कार्ड तैयार कराने की है तो वह भी उन्होंने नहीं बनवाया। उन्होंने इसे उन विरोधियों की साजिश बताया है, जिनका लंबे समय से सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया से प्रोपर्टी विवाद चला आ रहा है।

देहलीगेट की कोठी अतानस की रहने वाली रुकसाना ने उच्चाधिकारियों को एक शिकायती पत्र देकर पाकिस्तानी महिला सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया पर गैरकानूनी तरीके से भारत में रहने का आरोप लगाया था। महिला ने बताया कि नादिर अली बिल्डिंग निवासी फरहत मसूद ने पाकिस्तान जाकर सबा उर्फ नाजी से निकाह किया।
25 मई, 1993 को पाकिस्तान में सबा ने एक बेटी ऐमन फरहत को जन्म दिया। बाद में वह लान्ग टर्म वीजा पर भारत आ गई और अपने पासपोर्ट पर बेटी को भी ले आई। आरोप है कि भारत आकर सबा उर्फ नाजी ने फर्जी तरीके से अपने दो वोटर कार्ड बनवा लिए। इनमें एक वोटर कऊ सबा मसूद तो दूसरा नाजिया मसूद के नाम का है।
इसके अलावा गलत तरीके से अपनी बेटी का पासपोर्ट भी तैयार करा लिया। शिकायत में बताया गया कि सबा के पिता पाकिस्तान में करक एजेंट हैं, जिनके लिए भारत में सबा व ऐमन जासूसी करते आ रहे हैं। नियमों को तोड़कर दोनों बिना अनुमति के यात्रा भी करती आ रही हैं।
एडवोकेट वीके शर्मा बताते हैं कि यह विवाद प्रोपर्टी या कहें तो कारोबार पर कब्जा जमाने से जुड़ा है और सालों से चला आ रहा है। दरअसल, मोहम्मद इशाक ने इस कारोबार की शुरूआत की थी। उनकी दो पत्नियां थीं।
एक पत्नी से फरहत मसूद हुए जबकि दूसरी से फाइज अहमद पैदा हुए। दोनों के बीच ही यह प्रोपर्टी विवाद है। नियमानुसार दोनों को दादा अथवा पिता के द्वारा शुरू की गई फर्म के नाम का उपयोग करने का अधिकार है। जबकि विपक्ष यह नहीं चाहता।
वीके शर्मा का कहना है कि एक महिला ने यह आरोप लगाए हैं कि फरहत मसूद की पत्नी सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया व बेटी ऐमन फरहत पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हैं। यहां तक कहा गया है कि वह गैरकानूनी तरीके से भारत में रह रहे हैं।
जबकि दोनों आरोप पूरी तरह गलत व निराधार हैं। सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया पर लॉन्ग टर्म वीजा है, जिसे चेकपोस्ट परमिट भी बोला गया है। इसी वीजा से ऐमन फरहत भारत आईं थीं। दोनों ही एलआईयू के संपर्क में रही हैं।
पिता से होती है औलाद की पहचान
अधिवक्ता का कहना है कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया द्वारा भारत की नागरिकता से जुड़ा आवेदन भी वर्ष 1991 में किया जा चुका है जो अभी तक लंबित है। जब तक उनके पास वैलिड पासपोर्ट है, तब तक उन्हें गैरकानूनी बोलना गलत है। जहां तक बात बेटी ऐमन फरहत की है तो वह अपने पिता के नाम से जानी जाएगी और पिता भारत के नागरिक हैं। जहां तक वीजा की बात है तो यह 10 मार्च, 2027 तक वैध है।
मुकदमे व गिरफ्तारी को देंगे चुनौती
एडवोकेट वीके शर्मा ने कहा- सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया की गिरफ्तारी एकदम गैरकानूनी है। उन पर वैध वीजा है। इसके अलावा एक आरोप फर्जी वोटर आईडी बनवाने का है जोकि उनके द्वारा नहीं बनवाया गया। यह एक सोची समझी साजिश के तहत हुआ है। बिना जांचे तीन दिन में केस दर्ज कर लिया गया। इस मुकदमे व महिला की गिरफ्तारी को कोर्ट के समक्ष चुनौती दी जाएगी।


