HomeAgra Newsसिपाही से पिस्टल लूटने वाला पवन एनकाउंटर में ढेर

सिपाही से पिस्टल लूटने वाला पवन एनकाउंटर में ढेर

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– पुलिस और बदमाश के बीच 20 मिनट तक फायरिंग, सीने में धंसी गोली, दो सिपाही घायल।

आगरा। पचास हजार के इनामी शूटर पवन बंसल उर्फ कल्लू को नोएडा STF ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। 35 साल के शूटर पर 18 संगीन मामले दर्ज थे। उसने सिपाही से 9एमएम की पिस्टल लूटी थी। एसटीएफ के एएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया, शुक्रवार की शाम 8:30 बजे आगरा पुलिस के साथ मिलकर रळऋ ने पवन गुर्जर और उसके साथी को थाना एकता क्षेत्र में घेरा। उससे सरेंडर करने को कहा गया तो वह फायरिंग करने लगा।

 

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पुलिस और बदमाश के बीच करीब 15-20 मिनट तक फायरिंग चली। इस दौरान बदमाश ने 20 राउंड फायर किए। एसटीएफ ने खुद को बचाते हुए 5 राउंड फायरिंग की। एक गोली बदमाश के सीने में लगी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गया। इस बीच पवन का साथी मौके से भाग निकला। पवन को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई। मुठभेड़ में दो सिपाही घायल हुए हैं। एसटीएफ के एक इंस्पेक्टर केशव के बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लगी है। वह बाल-बाल बचे। घायलों को भर्ती करवाया गया है।

पवन (35) पुत्र संतराम गाजियाबाद में लोनी थाना क्षेत्र के सिरौली गांव का रहने वाला था। सिपाही से लूटी हुई 9एमएम की पिस्टल के साथ दूसरी मेड इन इटली पिस्टल भी बरामद की गई है।
पुलिस ने बताया कि साल 2021 में हत्या के एक मामले में पवन पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। उस दौरान उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पवन कुख्यात रणदीप भाटी और अमित कसाना गैंग का शूटर था। उसके खिलाफ हत्या के 4 मुकदमे, रंगदारी के 2 मुकदमे थे। कुल मिलाकर 18 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पवन जेल में रहने के दौरान हरियाणा के कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग के संपर्क में आया था। 2025 में जेल से छूटने के बाद उसने बड़े पैमाने पर रंगदारी मांगना शुरू कर दिया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़ी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने की योजना बना रहा था। उसके पास से भारी मात्रा में कारतूस और अवैध असलहे बरामद किए गए हैं।

एसटीएफ नोएडा के एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान मौके से एक 9टट पिस्टल बरामद हुई है, वो 2016 में थाना बिसरख गौतमबुद्ध नगर में एक कांस्टेबल मोनू धीमन से लूटी थी। मोनू धीमन उस समय एडीजे की पीएसओ ड्यूटी में तैनात थे। उसके संबंध में थाना बिसरख में मुकदमा दर्ज है।

पवन के पिता संतराम की मौत के बाद उसके चाचा जैनेंद्र और सुरेंद्र ने जमीन हड़प ली थी। जमीन वापस नहीं मिलने पर दिसंबर 2020 में उसने गाजियाबाद के सिरोली गांव में घुसकर जैनेंद्र की और चिरोड़ी गांव में सुरेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद उसने लोनी के सलाम होटल संचालक से 20 लाख मांगे। पवन ऊर्फ कल्लू का गांव में इतना खौफ था, जब भी कभी वह गांव आता था तो गांव में सन्नाटा पसर जाता था।

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