- आज से मेरठ से शुरू हुई यात्रा, वरिष्ठ छाती रोग विशेषज्ञ डा. विरोत्तम तोमर ने दी जानकारी।
शारदा रिपोर्टर
मेरठ। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी दमां एवं अन्य सांस रोगों के बारे में जन जागरण के लिए उत्तर प्रदेश में ब्रीथ फ्री यात्रा का आयोजन डा विरोत्तम तोमर (एमबीबीएसएमडी चेस्ट) के सहयोग से किया जा रहा है। यह राष्ट्रीय अभियान अस्थमा से जुड़ी भ्रांति को रोकने के लिए एवं लोगों को अस्थमा के बारे में अवगत कराने के लिए चलाया जा रहा है।
डा. विरोत्तम तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह यात्रा 20 जनवरी से शुरू होकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के निम्न शहरों मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बरेली, आगरा, गाजियाबाद जायेगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगों को अस्थमा के बारे में जागरुक करने एवं बिना डरे इनहेलर थेरपी को स्वीकार करने को समझाना है।
ग्लोबल डिजीज बर्डन 2018 के अनुसार उत्तर प्रदेश का स्थान अस्थमा प्रसार व मृत्यु दर में सबसे खराब राज्यों में सबसे ऊपर है। अगर हृदय स्वस्थ है, तो शरीर भी सेहतमंद होगा। यह एकमात्र कारक ही संपूर्ण सेहत का प्रतीक नहीं है। फेफड़ों की कार्यक्षमता हमारे पूरे शरीर को प्रभावित करती है, जिसकी आमतौर पर अनदेखी की जाती है।
रोगियों की साँस से संबंधित समस्या के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए, और अपने फेफड़ों को स्वास्थ्य और फिट रखने के लिए जरूनी टेस्ट करवाने चाहिए। बता दें कि, अस्थमा दुनियाभर के काफी लोगों को प्रभावित करने वाली गंभीर बीमारी है और इस बीमारी के मामले प्रतिवर्ष बढ़ते ही जा रहे हैं।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार दुनिया भर में लगभग 36 करोड़ लोग अस्थमा से पीड़ित है। भारत में भी यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है और इसके लगभग 4 करोड़ मामले देखे गए हैं और इन नंबरों में लगातार इजाफा होता जा रहा है। इसलिए इस बीमारी की पहल करके उसका समय पर इलाज करना बहुत जरूरी है ताकि अस्थमा को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सके।