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Monday, January 12, 2026
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HomeEducation Newsसीसीएसयू और रूसी विश्वविद्यालय के बीच हुआ एमओयू

सीसीएसयू और रूसी विश्वविद्यालय के बीच हुआ एमओयू

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  • यह समझौता विश्वविद्यालयों के लिए मील का पत्थर साबित होगा: आनंदी बेन पटेल
  • सीसीएसयू में खुलेगा रूसी विश्वविद्यालय का छात्र अध्ययन केंद्र।

शारदा न्यूज़, संवाददाता |

मेरठ। शिक्षा के क्षेत्र में मेरठ का चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। विश्वविद्यालय ने रूस की मिनिन निज़नी नोवगोरोड स्टेट पेडागोगिकल यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू साइन किया। अब रूस का विश्वविद्यालय मेरठ में अपना छात्र अध्ययन केंद्र खोलेगा।

   गुरूवार को लखनऊ स्थित राजभवन में कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल के उपस्थिति में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और रूसी विश्वविद्यालय के बीच समझौता हुआ। शक्रवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में रशियन सेंटर का उदघाटन होगा। विश्वविद्यालय में रूसी भाषा की कक्षाएं भी शुरू होंगी।

 

इस अवसर पर कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने कहा कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ भारत के अग्रणी विश्वविद्यालयों में से एक है। अंतरराष्ट्रीयकरण की दिशा में एक कदम बढ़ाते हुए विश्वविद्यालय ने भारतीय ज्ञान प्रणाली सहित शिक्षकों, छात्रों, संस्कृति, ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह एमओयू राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इस एमाओयू से राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों को भी लाभ होगा।अंतर्राष्ट्रीय सहयोग केंद्र के निदेशक प्रोफेसर राकेश कुमार सोनी ने एमओयू के विषय में विस्तार से बताया। वहीं कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग केंद्र खोलने व इस प्रकार के समझौते करने के लिए प्रेरित किया।

  अंतरराष्ट्रीयकरण के कार्यक्रम को गति देने के लिए विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सहयोग केंद्र भी है। विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग कार्यक्रम शुरू किया हैं, जिसमें दुनिया भर के विविध पृष्ठभूमि के छात्र विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तावित अपनी पसंद के पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं।

बतातें चलें कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने मिनिन निज़नी नोवगोरोड स्टेट पेडागोगिकल यूनिवर्सिटी रूस के साथ एक बहुत ही महत्वपूर्ण एमओयू पर गुरूवार को लखनऊ राज्भवन में हस्ताक्षर किए हैं। मिनिन विश्वविद्यालय रूसी संस्कृति पर एक पाठ्यक्रम की पेशकश करके छात्रों को मुफ्त ज्ञान प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालय में एक छात्र अध्ययन केंद्र भी खोल रहा है। जिसका उदघाटन शक्रवार को होगा। इस केंद्र को चलाने के लिए आवश्यक कुछ वित्त भी प्रायोजित करेंगे। ऐसी गतिविधि से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। इस केंद्र के तहत चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय निकट भविष्य में रूसी छात्रों के लिए एक पाठ्यक्रम भी आयोजित करेगा।

इस दौरान मिनिन विश्वविद्यालय के विक्टर ब्लादि मीरो वीच स्दविन कोव, लिलिया व्यादि मिरोवना एरूसकिना, बोरी सोविच चुपरीकोप, इर्न्फाेमेशन पॉलिसी सेंटर की हेड कनियाजेवा ओल्गा और सिमोनेन्को लियूडमिला मौजूद रहे।

विश्वविद्यालय में चल रही हैं रूसी भाषा की कक्षाएं
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में रूसी भाषा की कक्षाएं शुरू हो गई। इसी कड़ी में रूसी प्रतिनिधिमंडल 5 सितंबर को मिनिन विश्वविद्यालय के इर्न्फाेमेशन पॉलिसी सेंटर की हेड कनियाजेवा ओल्गा और सिमोनेन्को लियूडमिला के नेतृत्व में मेरठ पहुंचा था। मिनिन विश्वविद्यालय चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के 250 छात्रों को निःशुल्क ज्ञान प्रदान करेगा। उन्हें ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मोड में बुनियादी रूसी भाषा, रूस की संस्कृति आदि सिखाई जाएगी।

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के संकाय मिनिन विश्वविद्यालय के सहयोग से संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं और संयुक्त शिक्षण कार्य करेगा। बाद में जनवरी और फरवरी 2024 में रूसी छात्र चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय का दौरा करेंगे। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने कहा कि यह एमओयू विश्वविद्यालय के लिए बहुत ही लाभदायक है। हम इनके साथ मिलकर गुूणवत्ता परख शोध, अध्यन, शिक्षकों का आदान प्रदान करेंगे। प्रो. वीरपाल सिंह ने सभी का परिचय कराया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय के सभी कुलपति, कुलसचिव एवं अन्य शिक्षाविद मौजूद रहे। प्रोफेसर मृदुल गुप्ता ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया, प्रो. एसके दत्ता, कुलसचिव धीरेंद्र वर्मा, आदि उपस्थित रहे।

कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल जी कीअध्यक्षता में गुरुवार को राजभवन में राज्य विश्वविद्यालयों/ संस्थानों के एन आई आर एफ, नैक में उत्कृष्ट रैंकिंग प्राप्त करने हेतु रैंकिंग उन्नयन पर एक दिवसीय परिसंवाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

जिसमे सभी राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति ,रजिस्ट्रार, वरिष्ठ शिक्षाविदों व विशेषज्ञों ने सहभाग किया। इस अवसर पर राज्य विश्वविद्यालयों व संस्थानों के विविध रैंकिंग में सुधार हेतु रणनीतियों पर चर्चा की गई।

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