– आवास विकास के कार्यालय पर सेंट्रल मार्केट के व्यापारी कर रहे थे प्रदर्शन, दो को लिया था हिरासत में।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। आवास विकास के कार्यालय के बाहर चल रहे सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के धरने को देर रात नौचंदी थाना पुलिस द्वारा खत्म करा दिया गया। इस दौरान पुलिस ने किसान मजदूर संगठन के दो लोगों को हिरासत में ले लिया। इसके विरोध में व्यापारी शनिवार सुबह कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने साथी जिनकी गिरफ्तारी देर रात नौचंदी पुलिस द्वारा की गई थी उनको छुड़ाने की मांग की। हालांकि लगभग तीन घंटे चले प्रदर्शन के बाद एक व्यक्ति को छोड दिया गया और विजय राघव को शांति भंग करने के आरोप में चलान कर जेल भेज दिया गया।

व्यापारियों का कहना है कि हमें इस बात का लिखित में जवाब चाहिए कि किन धाराओं में उन दोनों को हिरासत में लिया गया और जब हम लोग शांतिप्रिय तरीके से अपना धरना चल रहे थे तो क्यों उसे फिर देर रात बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में व्यापारियों पर दबाव बनाकर खत्म क्यों कराया गया।
अल्नसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप जैन ने कहा कि यह किस बात का लोकतंत्र है जिसमें जो शहर का प्रतिष्ठित वर्ग है हमारा व्यापारी समाज वह अपनी समस्या भी उच्च अधिकारियों के समक्ष नहीं रख सकता है । प्रशासन का इस प्रकार का रवैया पूर्ण रूप से इस बात को साबित करता है कि इस लोकतंत्र में पूरे तरीके से तानाशाही की जा रही है।
कलक्ट्रेट पहुंचे किसान मजदूर संगठन के अंशुल तोमर ने प्रशासन को चेतावनी दी यदि हमारे साथियों को पुलिस द्वारा सुरक्षित यहां नहीं लेकर आया जाता है तो हम लोग कलेक्ट्रेट में ही अनिश्चितकालीन धरना देंगे। हमारे किसी भी साथी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना नहीं की है बल्कि हम सिर्फ अपनी आजीविका बचाने के लिए यहां पहुंचे थे। इसके बाद भी हमें जबरदस्ती पुलिस ने वहां से हटा दिया और हिरासत में ले लिया गया।
व्यापारी और किसान मजदूर संगठन के लोग अपने एक व्यक्ति के बरामदगी होने के बाद शांतिप्रिय तरीके से वापस लौट गए। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की कि वह उनके बीच आंए उनकी परेशानी को समझे और मध्यस्ता कर कोई बीच का रास्ता निकालें।


