शारदा रिपोर्टर मेरठ। पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना का आंदोलन अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। केंद्रीय संघर्ष समिति ने इसे जन आंदोलन का रूप देने का निर्णय लिया है। समिति ने शनिवार को मेरठ बार सभागार में सभा का आयोजन हुआ। इसमें सभी राजनीतिक दल, जनप्रतिनिधि, व्यापारिक संगठन और सामाजिक संस्थाएं शामिल हुए।
वर्ष 1960 से चल रही इस मांग के लिए 1980 से लगातार आंदोलन जारी है। पश्चिम के सभी 22 जनपदों के बार पदाधिकारी इस आंदोलन से जुड़े हैं। हाल ही में रामपुर में केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक हुई। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि हाईकोर्ट बेंच की मांग सिर्फ अधिवक्ताओं की नहीं, बल्कि आम जनता की भी है।
केंद्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन संजय शर्मा और संयोजक राजेंद्र सिंह राणा ने बताया कि सभी राजनीतिक दलों ने मांग को समर्थन दिया है। भाजपा के क्षेत्रीय कार्यक्रम और उपराष्ट्रपति चुनाव के कारण कुछ नेता और सांसद सभा में नहीं आ पाए। सपा, बसपा और कांग्रेस के पदाधिकारियों ने सभा में शामिल होने की सहमति दी है। आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 20 सितंबर को कचहरी से पैदल मार्च निकाला जाएगा और बेगमपुल पर एक घंटे का धरना दिया जाएगा।