नई दिल्ली । देशभर में आज 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। इसे लेकर देशभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वहीं कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड भी निकाली गई। 26 जनवरी देश का राष्ट्रीय पर्व है। देश का हर नागरिक चाहे वह किसी धर्म, जाति या संप्रदाय से ताल्लुक रखता हो, इस दिन को राष्ट्र प्रेम से ओतप्रोत होकर मनाता है। इतिहास की बात करें तो इस दिन भारत का संविधान लागू हुआ। भारत को 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से आजादी तो मिल गई थी, लेकिन 26 जनवरी 1950 को भारत एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित हुआ। इस दिन राजधानी में कर्तव्य पथ पर होने वाले मुख्य आयोजन में भारत की सांस्कृतिक झलक के साथ ही सैन्य शक्ति और परंपरागत विरासत की झांकी पेश की गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 77वें गणतंत्र दिवस परेड को देखने के लिए कर्तव्य पथ पर पहुंचे लोगों का अभिवादन किया।भारतीय वायु सेना ने 77वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर फ्लाई-पास्ट प्रस्तुत किया। वरुणा फॉर्मेशन के दृश्य, जिसमें एक पी-8आई और दो एसयू-30 विमान शामिल हैं, ‘विक’ फॉर्मेशन में उड़ान भरते हुए दिखाई दे रहे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ परेड देखने के बाद कर्तव्य पथ से राष्ट्रपति भवन के लिए रवाना हुईं।
उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के शाश्वत आदर्शों पर स्थापित एक जीवंत गणराज्य के रूप में जश्न मनाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी न केवल संविधान निर्माताओं की दूरदर्शिता और बुद्धिमत्ता को याद करने का दिन है, बल्कि इसमें निहित लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने में नागरिकों के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की पुष्टि भी है।