– एम्स में डॉक्टरों ने मीटिंग के बाद नलियों से भोजना देना बंद कराया, हफ्तेभर ही जी सकेंगे हरीश।
गाजियाबाद। 13 साल से कोमा में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हरीश राणा के लिए आज से एम्स में पानी देना भी बंद कर दिया जाएगा। यह पानी ट्यूब किे जरिए उन्हें दिया जाता था। इससे पहले सोमवार को एम्स में डॉक्टरों ने पूरी प्रिक्रिया को शुरू करते हुए नलियों से भोजन भी नहीं दिया। हरीश राणा से अब परिवार और कोई भी बाहरी व्यक्ति नहीं मिल सकता। एम्स में उनके फोटो और वीडियो पर पूरी तरह से रोक लगाई है। 14 मार्च को गाजियाबाद के राज नगर स्थित राज एंपायर सोसायटी से हरीश राणा को एम्स दिल्ली में शिफ्ट किया गया था। जहां सोमवार को उनके टेस्ट की पूरी प्रिक्रिया शुरू हुई।

दिल्ली के एम्स में आईआरसीएच के पैलिएटिव केयर वार्ड में भर्ती हैं। सोमवार को डॉक्टरों की एक मीटिंग हुई, जिसमें अलग अलग विभागों के सीनियर डॉक्टर शामिल रहे। इसके बाद देर शाम उन्हें ट्यूब के जरिए भोजन नहीं दिया गया। आज मंगलवार को पानी भी नहीं दिया जाएगा। इस प्रक्रिया को डॉक्टरों की टीम बड़ी बारीकी से देखते हुए इस पर नजर रखी हुई। इच्छामृत्यु के लिए पूरा प्रॉटोकॉल बनाया गया है। उनका आॅक्सीजन सपोर्ट भी हटा दिया गया। डॉक्टरों ने यह बताया कि खाना पानी बंद होने के बाद औसतन एक वीक तक ही इंसान जीवित रह सकता है।
सबको माफ करते हुए की वीडियो
14 मार्च को गाजियाबाद स्थित राज एंपायर सोसायटी के फ्लैट में ब्रह्मकुमारी लवली ने हरीश राणा के सिर पर हाथ फेरते हुए कहा कि हरीश राणा का परिवार करीब 18 साल से ब्रहमकुमारीज से जुड़ा है। करीब 6 साल पहले पूरा परिवार गाजियाबाद शिफ्ट हुआ था। इससे पहले 13 साल तक हरीश राणा के पिता अशोक राणा दिल्ली रहे। बीके लवली ने बताया कि दो- 3 साल पहले हरीश की पीडा के बारे में परिवार ने बताया। कि अब हम पर इतना दर्द नहीं देखा जाता। जहां हरीश के भाई, बहन और मां और पिता हर रोते हैं। मां हमेशा अपने बेटे को सहलाती है।
गाजियाबाद से विदाई के समय ब्रह्मकुमारी ने हरीश के माथे पर चंदन का टीका भी लगाया। इसके बाद हरीश अपने अंतिम सफर पर निकल पड़े। इस दौरान हरीश के परिवार के सभी सदस्यों की आंखें नम हो गईं। पिता अशोक ने परिवार के सभी सदस्यों से माफी मांगी। बोले कि न चाहते हुए भी यह कदम उठाना पड़ा है।

