नई दिल्ली: गैस सिलेंडर पर सरकार का एक्शन प्लान। प्रोडक्शन से सप्लाई तक 3 दिन में 10 बड़े फैसले। सरकार ने वैकल्पिक देशों से तेल‑गैस आयात बढ़ाया, रिफाइनरियों को उत्पादन अधिकतम करने, जमाखोरी रोकने और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने जैसे कड़े कदम उठाए। कमर्शियल सिलेंडर संकट पर विशेष समिति बनाई गई।
मिडिल ईस्ट में चल रहे ईरान-इजरायल-US संघर्ष का प्रभाव अब सीधे भारतीय रसोई तक पहुंच गया है। तेल‑गैस सप्लाई का सबसे बड़ा रास्ता होर्मुज स्ट्रेट लगभग ठप पड़ने से भारत में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत, बढ़ती कीमतें और लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। देशभर में लोगों को सिलेंडर बुकिंग में देरी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं होटल‑रेस्तरां कारोबार पर इसका बड़ा असर पड़ा है। विपक्ष सरकार को कड़े शब्दों में घेर रहा है, लेकिन इस संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार भी तेजी से कदम उठा रही है।
क्यों बढ़ा भारत में एलपीजी संकट?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से खरीदता है 25-27 लाख बैरल तेल प्रतिदिन सऊदी अरब, इराक, कतर और UAE से आता है। भारत की 55% LPG और 30% LNG भी इन्हीं देशों से आती है। ईरान‑इजरायल युद्ध के कारण होर्मुज से जहाजों की आवाजाही रुक गई, जिससे LPG और तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। इससे कीमतों में बढ़ोतरी और बाजार में कमी की स्थिति बनी है।

सरकार एक्शन मोड में: उठाए ये बड़े कदम-
संकट को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने तुरंत कई बड़े फैसले लिए, जिनका लक्ष्य घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देना है।
1. देशभर की रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश
सरकारी और निजी रिफाइनरियों को निर्देश दिया गया है कि घरेलू LPG सप्लाई निर्बाध रहे, इसके लिए उत्पादन क्षमता बढ़ाई जाए।
2. जमाखोरी रोकने के लिए बुकिंग अंतर 21 से बढ़ाकर 25 दिन
‘पैनिक बुकिंग’ को रोकने के लिए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए बुकिंग के अंतर को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।
3. घरेलू LPG, PNG और वाहनों के लिए CNG को प्राथमिकता
अस्पतालों‑स्कूलों सहित आम घरों की जरूरत को सबसे ऊपर रखा गया है।
4. कमर्शियल LPG की कमी पर हाई‑लेवल समिति
रेस्तरां और होटलों में उपयोग होने वाले 19 किलो के ‘नीले सिलेंडर’ की कमी दूर करने के लिए OMCs की विशेष समिति बनाई गई है।
5. अतिरिक्त उत्पादित LPG केवल IOCL, BPCL और HPCL को देने का आदेश
सरकार ने अतिरिक्त उत्पादित LPG केवल IOCL, BPCL और HPCL को देने का आदेश दिए हैं। ताकि सप्लाई चेन में कंसिस्टेंसी बनी रहे और कोई स्टॉक संकट न आए।
6. देशभर में कालाबाजारी पर कड़ा एक्शन- ESMA लागू
छापेमारी, ज़ब्ती और लाइसेंस कार्रवाई के निर्देश, ताकि काला बाज़ार न बढ़े।
7. भारत ने बदले आयात के रूट
होर्मुज के ब्लॉक होने के बाद भारत ने सप्लाई में विविधता लाने के लिए कई नए देशों से समझौते किए हैं।
8. रूस प्रमुख आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा
मार्च के पहले 11 दिनों में रूस से खरीद 50% बढ़ी है। आयात बढ़कर 15 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंचा है IOC और रिलायंस ने 3 करोड़ बैरल रूसी तेल के सौदे किए हैं।
9. अमेरिका से बड़ा LNG सौदा
GAIL ने LNG के लिए अमेरिका से बड़े करार किए हैं, जो सप्लाई अंतर को भरेंगे।
10. लैटिन अमेरिका और अफ्रीका से नई खरीद
गुयाना से पहली बार 40 लाख बैरल तेल खरीदा गया। इसके अलावा नाइजीरिया और अंगोला से भी अतिरिक्त खेप मंगाई जा रही है।
LPG और LNG के लिए नए स्रोत
अल्जीरिया, नॉर्वे और कनाडा से LPG/LNG डील सक्रिय की गई है। दो बड़े LNG कार्गो इस समय भारत के रास्ते में हैं।
70% तेल आयात अब होर्मुज से बाहर वाले रूट से
पहले भारत केवल 55% तेल ही वैकल्पिक मार्गों से मंगवाता था, अब यह आंकड़ा 70% तक बढ़ा दिया गया है, ताकि मिडिल ईस्ट पर निर्भरता न रहे। कमर्शियल LPG की किल्लत से होटल‑रेस्तरां प्रभावित हुए हैं। बेंगलुरु, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में 19 किलो वाले कमर्शियल नीले सिलेंडर की भारी कमी देखी जा रही है। कई रेस्तरां ने मेन्यू छोटा किया है तो कुछ ने गैस न मिलने पर अस्थायी रूप से किचन बंद कर दिए हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि परिवारों की जरूरतें प्राथमिकता रहेंगी, लेकिन होटल‑रेस्तरां के लिए भी सप्लाई सामान्य करने की कोशिश जारी है।
क्या आगे कीमतें और बढ़ेंगी?
सरकारी सूत्रों ने संकेत दिया है कि पेट्रोल‑डीजल की कीमतें फिलहाल नहीं बढ़ेंगी, LPG में हालिया बढ़ोतरी के बाद बड़ी कीमत वृद्धि की संभावना कम है।
मध्य पूर्व युद्ध ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा दबाव डाला है, लेकिन सरकार ने रिकॉर्ड गति से वैकल्पिक देशों से खरीद शुरू की है। घरेलू LPG सप्लाई सुचारू रहे, इसके लिए उत्पादन बढ़ाने से लेकर कालाबाजारी रोकने तक कई स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है। हालात चुनौतीपूर्ण जरूर हैं, लेकिन सरकार दावा कर रही है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कमी नहीं होने दी जाएगी।
क्या बोले पेट्रोलियम मंत्री?
सिलेंडर की किल्लत से देशभर में मचे हाहाकार के बीच सरकार लगातार ताबड़तोड़ फैसले ले रही है। एक ओर होर्मुज रूट बंद होने के बाद रूस, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अफ्रीकी देशों से तेल‑गैस की खरीद तेज़ की गई है, तो दूसरी ओर घरेलू सप्लाई सुचारू रखने के लिए सभी रिफाइनरियों को LPG उत्पादन अधिकतम करने का आदेश दिया गया है। जमाखोरी रोकने के लिए बुकिंग गैप 25 दिन कर दिया गया है और कमर्शियल सिलेंडर की कमी पर निगरानी के लिए विशेष समिति बनाई गई है, ताकि घरों‑होटलों दोनों को राहत मिल सके।


