– तीन हजार रुपये आया था खाने का बिल, विरोध पर ढाबे के कर्मचारियों ने चाकू मारे, साथी जान बचाकर भागे।
गाजियाबाद। ढाबे पर दो दोस्तों की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। ढाबे के कर्मचारियों ने वारदात को अंजाम दिया। दोनों युवक अपने तीन और दोस्त के साथ दो बाइकों से ढाबे पर पहुंचे और खाना खाया।

आरोप है कि ढाबे के कर्मचारियों ने उनसे 3 हजार का बिल मांगा। इतना बिल सुनते ही युवक भड़क गए। उनकी कर्मचारियों से कहासुनी हो गई। गुस्से में ढाबे के कर्मचारियों ने दोनों युवकों पर चाकू से हमला कर दिया। मारपीट देखकर दोनों युवकों के साथी भाग गए।
शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे। उन्हें देखकर आरोपी भाग गए। लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। घटना खोड़ा इलाके के वैष्णो ढाबे पर शुक्रवार देर रात हुई। मृतकों की पहचान सत्यम (25) और श्रीपाल (26) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात 10 बजे वैष्णो ढाबा पर खोड़ा के रहने वाले सत्यम (25) और उसका दोस्त श्रीपाल (26) तीन और दोस्तों के साथ खाना खाने पहुंचे थे। उन्होंने वेज थाली आॅर्डर की। खाने के बाद स्टाफ ने बिल थमाया। बताया जा रहा है कि 3 हजार रुपये का बिल आया था।
सत्यम और श्रीपाल ने कहा कि बिल ज्यादा आया है। इसे लेकर ढाबे वालों से कहासुनी हो गई। कहासुनी गाली-गलौज तक जा पहुंची। ढाबा स्टाफ ने अन्य कर्मचारियों को बुला लिया। वे सत्यम और उसके दोस्त श्रीपाल से मारपीट करने लगे। मारपीट होते देख उनके दोस्त भाग गए। इसी दौरान ढाबे वालों ने चाकू से गोदकर दोनों की हत्या कर दी।
शोर-गुल सुनकर लोग ढाबे पर पहुंचे। देखा तो वहां सत्यम और उसका दोस्त श्रीपाल घायल हालत में पड़े थे। उनके शरीर से खून बह रहा था। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
डॉक्टरों ने जांच के बाद युवकों को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव और डीसीपी मौके पर पहुंचे और लोगों से घटना की जानकारी ली। ढाबा मालिक धर्मेंद्र घटना के समय वहां पर मौजूद नहीं था। पुलिस ने उसे बुलाया और हिरासत में ले लिया।
डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल ने बताया- प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों युवकों ने शराब पी रखी थी। इसी दौरान ढाबे वालों से किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई।
श्रीपाल बहराइच का रहने वाला था। वह खोड़ा के नेहरू विहार में किराए पर रह रहा था, जबकि सत्यम गाजियाबाद का ही रहने वाला था। इस मामले में सचिन, राजन और एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है। आरोपी जल्द पकड़े जाएंगे।

