– हीमोफीलिया और थैलेसीमियां जैसी अनुवांशिक बीमारी का मिलेगा आपको उचित इलाज।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। हीमोफीलिया और थैलेसीमिया दोनों ही आनुवंशिक और गंभीर रक्त विकार हैं, जो उम्र के साथ अधिक जटिल हो जाते हैं। हीमोफीलिया में रक्त का थक्का नहीं जमता, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव होता है, जबकि थैलेसीमिया में शरीर पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं बना पाता, जिससे एनीमिया होता है। 70 से अधिक उम्र के मरीजों में इन बीमारियों का प्रबंधन, जोड़ों की समस्या, हृदय रोग और कैंसर जैसी अतिरिक्त स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण चुनौतीपूर्ण हो जाता है। जबकि, अभी तक इसका इलाज मिलना बेहद मुश्किल होता था।



