शारदा रिपोर्टर मेरठ। मोदीपुरम थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया, शादी समारोह से लौट रहा एक परिवार घने कोहरे के चलते बीच सड़क हादसे का शिकार हो गया। तेज धुंध और रास्ता न दिखने के कारण उनकी कार अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे गहरे नाले में जा गिरी। इस दुर्घटना में 18 महीने के मासूम बच्चे की डूबने से मौत हो गई, जबकि परिवार के छह अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए है।

जानकारी के अनुसार, परिवार गाजियाबाद क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होकर अपने घर लौट रहा था। रात करीब साढ़े दस बजे जैसे ही उनकी कार पल्लवपुरम क्षेत्र के पास पहुंची, अचानक घना कोहरा छा गया। चालक को सड़क का सही अंदाजा नहीं लग पाया और कार सीधे नाले में जा गिरी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन पलट गया और सभी लोग अंदर फंस गए।
हादसे के बाद राहगीरों ने चीख-पुकार सुनकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को बाहर निकाला गया। कार में फंसा 18 महीने का बच्चा काफी देर तक गंदे पानी में डूबा रहा, जिसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पूरे परिवार में कोहराम मच गया।

घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, कुछ की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने कार को नाले से बाहर निकलवाकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण घना कोहरा और सड़क पर उचित संकेतक न होना बताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि सड़क किनारे मजबूत बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।
यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि खराब मौसम में यात्रा करते समय अतिरिक्त सतर्कता और बेहतर सड़क सुरक्षा व्यवस्था कितनी जरूरी है।


