– मारपीट केस में जमानत रुकवाने के लिए फर्जी आपराधिक रिकॉर्ड दिखाया
अमरोहा। डिडौली कोतवाली में तैनात दरोगा फूलकंवार को डीआईजी मुनिराज जी ने निलंबित कर दिया है। दरोगा पर एक मारपीट के मामले में जानबूझकर लापरवाही बरतने का आरोप है।
घटना 19 जुलाई की है। गांव गंगदासपुर में दिनेश और परम सिंह के परिवारों के बीच लाठी-डंडों से मारपीट और पथराव हुआ था। दिनेश की शिकायत पर पुलिस ने गगन, परम, रवि, रविंद्र, वंदना और भूरी पर हत्या का प्रयास का केस दर्ज किया। तीन दिन बाद परम सिंह की शिकायत पर राशन डीलर दाताराम, करनपाल, दिनेश, जयपाल, बिंदेश, नेमवती और सुशील के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
दोनों मामलों की जांच दरोगा फूलकंवार को सौंपी गई। दरोगा ने दिनेश के केस में घायलों की मेडिकल रिपोर्ट की सप्लीमेंट्री लेने में जानबूझकर देरी की। परम सिंह के केस में बेल कमेंट्स को गंभीरता से नहीं लिखा।
इंस्पेक्टर की संस्तुति के बिना आरोपियों का कथित अपराधिक रिकॉर्ड अदालत में दाखिल कर दिया। जमानत रुकवाने के लिए आरोपियों पर सात फर्जी मुकदमे दिखाए। पीड़ित पक्ष ने डीआईजी से शिकायत की।
जांच में आरोप सही पाए गए। एसपी अमित कुमार आनंद के अनुसार, अनुशासनहीनता और कर्तव्य में लापरवाही के कारण दरोगा को निलंबित किया गया है। उनकी विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।