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Monday, January 12, 2026
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धन सिंह कोतवाल ने किसी जाति नहीं बल्कि देश के लिए लड़ाई लडी थी: योग गुरू कर्मवीर महाराज

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  • शहीद धनसिंह कोतवाल के जन्मोत्सव पर आयोजित कार्यक्र में बोले योग गुरू कर्मवीर महाराज।

शारदा न्यूज, रिपोर्ट |

मेरठ। 1857 के क्रांतिनायक शहीद धनसिंह कोतवाल शोध संस्थान मेरठ द्वारा धनसिंह कोतवाल के जन्मोत्सव कार्यक्रम पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन अप्लाइड साइंस सभागार चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ में हुआ।

 

 

कार्यक्रम में योग गुरु एवं आयुवेर्दाचार्य स्वामी कर्मवीर जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि धनसिंह कोतवाल जी किसी एक जाति की आजादी के लिए क्रांति की शुरूआत नहीं किए थे। उन्होंने अपने देश पर राष्ट्र की भावना से प्रेरित होकर क्रांति की, ताकि देश आजाद हो सके और आज बहुत खुशी की बात है कि देश का हर समाज, हर वर्ग का नागरिक धनसिंह कोटवाल को नमन करता है। उनके जन्मोत्सव को मानता है, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

मुख्य अतिथि गोवर्धन भाई झडपिया जी ने अपने उद्बोधन में ‘गुर्जर भूमि गुजरात’ का नारा लगाते हुए गुर्जरों के गुजरात के इतिहास का रेखांकित किया तथा बताया कि मैं धन सिंह कोतवाल जी को नमन करने के लिए उनके गांव पांचली में धन सिंह कोतवाल के वंशज तस्वीर सिंह चपराना की आवास पर गया और वहां धनसिंह कोतवाल जी के सभी परिजनों से मुलाकात की और उस पावन मिट्टी को नमन किया।

 

 

धनसिंह कोतवाल शोध संस्थान ने जो पांच मांग पत्र सरकार से रखी हैं, मैं उन्हें केंद्र सरकार के मंत्रियों के सामने रखूगा. उन्होंने कहा संगठन की एकता अपनी बात मनवाने की ताकत है। अपने संगठन को मजबूत करके बात कहोगे तो आपकी बात सुनी जाएगी और सरकार भी धनसिंह कोतवाल जी को वही सम्मान देगी जिसके वह हकदार है। बिना संगठन की ताकत के अपनी मांग कमजोर हो जाती है।

 

 

पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार नवाब सिंह नागर ने कहा कि धनसिंह कोतवाल हमारे आदर्श हैं, हमें उनसे प्रेरणा मिलती है। धन सिंह कोतवाल को नमन करके हम राष्ट्र को नमन करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी कार्यक्रम धन सिंह कोतवाल जी को नमन करने का कार्यक्रम है ,उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम है।

धन सिंह कोतवाल शोध संस्थान द्वारा धन सिंह कोतवाल पर जो पुस्तक प्रकाशित की गई उसके मुख्य संपादक डॉ राकेश कुमार आर्य ने अपने उद्बोधन में ‘1857 के क्रांतिनायक कोतवाल धनसिंह गुर्जर’ नामक पुस्तक के बारे में विस्तार से बताया कि किस प्रकार इस पुस्तक में धन सिंह कोतवाल पर शोध करने वाले छात्र-छात्राओं को शोध पत्र तैयार करने में सहायता मिलेगी। यह धनसिंह कोतवाल जी की जीवन पर, उनके कार्यों पर एक अच्छा लेख पत्र साबित होगी।

 

 

कार्यक्रम में कोतवाल धनसिंह जी पर विशेष कार्य करने वाले राष्ट्र भक्तों का धन सिंह कोतवाल शोध संस्थान द्वारा चित्र, पुस्तक, मोमेंटो और साल देकर सम्मानित किया गया।

सम्मानित होने वाले प्रमुख विद्वानों में पूर्व प्रधानाचार्य रामपाल सिंह जी, वरिष्ठ पत्रकार राजेश पटेल जी, प्रोफेसर देवेश शर्मा, डॉक्टर सुशील भाटी, जीएम बृजपाल सिंह चौहान, ‘धन सिंह कोतवाल जी की शोरगाथा’ के लेखक सत्येंद्र पटेल प्रखर, करनल देवानंद सिंह, करनल अतर सिंह, प्रधानाचार्य संजीव नागर, अरुण प्रधान, हरिओम बैंसला, धर्मवीर सिंह, आदि को धनसिंह कोतवाल जी पर विशेष कार्य करने के लिए स्वामी कर्मवीर जी महाराज, पूर्व गृहमंत्री गोवर्धन भाई झडपिया जी तथा पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश नवाब सिंह नागर, जी के द्वारा सम्मानित किया गया।

 

 

संचालन धन सिंह कोतवाल के वंशज एवं शोध संस्थान के अध्यक्ष तस्वीर सिंह चपराना ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम आयोजन समिति के सदस्य हरिओम बैंसला ने किया
कार्यक्रम में इंजीनियर सुरेंद्र वर्मा, कैप्टन सुभाष चंद्र, सुनील कुमार, जगदीश प्रसाद, शिव शंकर पटेल, राजेश पटेल, उमेश पटेल, मनीष पटेल, सुभाष प्रधान, गौतम प्रजापति, अंशिका, सुमन, डीएसपी बले सिंह, कंवरपाल नागर, अहलकार नागर, रॉबिन गुर्जर आदि उपस्थित रहे।

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