शारदा रिपोर्टर मेरठ। शहर में रिओपनस टेक्नोलॉजी पर आयोजित एक कार्यक्रम में कथावाचक देवकीनंदन महाराज ने भ्रष्टाचार, धार्मिक नेताओं की गरिमा और सनातन धर्म की वर्तमान स्थिति पर महत्वपूर्ण बयान दिए।

महाराज ने ‘घूसखोर पंडित’ नामक एक फिल्म का जिक्र करते हुए कहा कि मेरठ में भी कई अधिकारी ‘पंडित’ हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ये अधिकारी किस-किस पद पर हैं और किस तरह के हैं, जिससे भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया।
उन्होंने विभिन्न धर्मों के प्रचारकों की गरिमा पर बात की। महाराज ने कहा कि यदि मुसलमान के मौलवी या क्रिश्चियन धर्म के पादरी को बदनाम किया जाता है, तो संबंधित समुदाय बदनाम होता है। लेकिन, पंडित को बदनाम करने पर लोग शांत रहते हैं, जबकि पंडित को बदनाम करना सनातन धर्म को बदनाम करना है। देवकीनंदन महाराज ने सनातन धर्म के अनुयायियों से आग्रह किया कि वे धर्म के बताए मार्ग पर चलें, ताकि इसकी गरिमा बनी रहे। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे कार्य नहीं करने चाहिए जिससे वेद-पुराणों और धर्म के पद को ठेस पहुंचे।
उन्होंने ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ का भी उल्लेख किया, जहां यह बताया जा रहा है कि हिंदू ‘संकट में’ हैं। महाराज ने दावा किया कि हिंदू सुरक्षित नहीं हैं और इसके प्रमाण के तौर पर अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, कश्मीर और बंगाल का उदाहरण दिया, जहां हिंदुओं की कथित दुर्दशा पर चिंता व्यक्त की।
महाराज ने देश में वास्तविक समस्याओं पर ध्यान न दिए जाने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कोई इस बात पर ध्यान नहीं देता कि लोग क्यों दुखी हैं और कितने बच्चे चोरी या किडनैप हो रहे हैं। उन्होंने युवाओं से इन मुद्दों को समझने और एक साथ खड़े होने का आह्वान किया।
इसी संदर्भ में, उन्होंने बताया कि हिंदू राष्ट्र बनाने के उद्देश्य से 12 से 15 मार्च तक दिल्ली में एक हिंदू सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसमें बिना किसी विज्ञापन के 1000-1500 बच्चे शामिल हुए हैं, जिन्हें मुफ्त में ड्रेस दी जा रही है। दिल्ली के बाद लखनऊ और मुंबई में भी ऐसे सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा।


