– सुबह पांच बजे से सिलेंडर के लिए गैस गोदामों पर लग रही लंबी लाइन।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। शहर में इन दिनों रसोई गैस की किल्लत ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि गैस एजेंसियों के बाहर तड़के सुबह से ही लोगों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। शुक्रवार को हापुड़ रोड स्थित संजीवनी गैस एजेंसी, पहलादनगर और परतापुर की गैस एजेंसियों पर सैकड़ों लोग सुबह 5 बजे से ही सिलेंडर मिलने की उम्मीद में लाइन में खड़े नजर आए। कई लोग तो रात से ही नंबर लगाने के लिए एजेंसियों के बाहर डटे हुए थे।

गैस की कमी के चलते खासकर रोजा रखने वाले परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अहमदनगर निवासी रियाजुद्दीन का कहना है कि गैस न मिलने से सहरी और इफ्तार के समय खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है। कई महिलाएं छोटे-छोटे बच्चों को घर पर छोड़कर घंटों लाइन में खड़ी रहने को मजबूर हैं। कुछ महिलाएं अपने मासूम बच्चों को साथ लेकर धूप में खड़ी दिखाई दीं, जो सिलेंडर मिलने की उम्मीद में सुबह से इंतजार कर रही थीं।
लाइन में लगी महिला गजाला ने आरोप लगाया कि गैस एजेंसियों के कर्मचारी कई बार लोगों से अभद्र व्यवहार करते हैं। उन्होंने बताया कि वह पिछले आठ दिनों से लगातार एजेंसी के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अभी तक उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पाया है। इसी कारण कई जगह लोगों और कर्मचारियों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक की स्थिति भी बन रही है।
भीड़ बढ़ने और तनाव की स्थिति को देखते हुए कुछ गैस एजेंसियों पर पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है, ताकि व्यवस्था बनाए रखी जा सके। वहीं रहिसुद्दीन का कहना है कि जब सरकार और प्रशासन की ओर से देश में गैस की कोई कमी नहीं होने की बात कही जा रही है, तो फिर आम लोगों को सिलेंडर के लिए दर-दर क्यों भटकना पड़ रहा है। रफीक अंसारी ने भी प्रशासनिक दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर गैस की आपूर्ति पर्याप्त है, तो एजेंसियों के बाहर लगी लंबी कतारें क्या बयां कर रही हैं।
एक बुजुर्ग रोजेदार ने भावुक होकर कहा कि हम सुबह से लाइन में खड़े हैं, लेकिन अब तक यह भी पता नहीं कि सिलेंडर मिलेगा या नहीं। घर में चूल्हा ठंडा पड़ा है और बच्चे इंतजार कर रहे हैं।
मेरठ में गैस की यह किल्लत अब केवल एक प्रशासनिक समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह हजारों परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है। लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या का समाधान करेगा, ताकि उन्हें राहत मिल सके।


