– मेरठ विकास प्राधिकरण के जूनियर इंजीनियर की भूमिका जांच के घेरे में
शारदा रिपोर्टर मेरठ। फतेउल्लापुर रोड स्थित न्यू इस्लामनगर में 40 बीघा जमीन पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी पर अब बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी है। इस मामले में मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) के एक जूनियर इंजीनियर की भूमिका जांच के घेरे में आ गई है।

जानकारी के अनुसार, मेहताब मलिक द्वारा इस जमीन पर कॉलोनी विकसित की जा रही है। आरोप है कि कॉलोनी काटने से लेकर मकानों और फ्लैट्स के निर्माण तक का काम मेडा से बिना किसी स्वीकृति के तेजी से कराया गया।
क्षेत्रीय चचार्ओं के मुताबिक, संबंधित जूनियर इंजीनियर पर इस परियोजना में कथित तौर पर हिस्सेदारी तय करने और निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने में मदद करने का आरोप है।
यह मामला अब मेडा के उच्च अधिकारियों और शासन स्तर तक पहुंच गया है। सूत्रों के अनुसार, पूरे प्रकरण की गोपनीय जांच शुरू कर दी गई है। इसमें संबंधित जूनियर इंजीनियर की भूमिका, फाइलों की आवाजाही, उसकी कॉल डिटेल, संपत्ति की जांच और निर्माण के दौरान हुई संभावित अनदेखी की पड़ताल की जाएगी।
जांच में अनियमितताएं सामने आने पर विभागीय कार्रवाई के साथ कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि कॉलोनी पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्माण अवैध पाया जाता है, तो जमीन को उसकी मूल स्थिति में लाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इस कार्रवाई की आशंका से वहां मकान बनवा चुके लोगों में चिंता बढ़ गई है। फिलहाल, मेडा की ओर से इस संबंध में औपचारिक बयान का इंतजार है। जांच का दायरा जूनियर इंजीनियर के अलावा मेडा के कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों तक भी बढ़ सकता है। अनियमितताएं पाए जाने पर शासन स्तर से उन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

