spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Sunday, January 11, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Homeउत्तर प्रदेशMeerutMeerut: शहर से बाहर जाएगा भैंसाली बस स्टेंड, जाम से मिलेगी मुक्ति

Meerut: शहर से बाहर जाएगा भैंसाली बस स्टेंड, जाम से मिलेगी मुक्ति

-

  • डीस ने भूड़बराल और मोदीपुरम में जमीन अधिग्रहण के दिए निर्देश,
  • शहर को मिलेगी सबसे बड़ी राहत।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। दशकों से शहर के सीने पर लगने वाले ट्रैफिक जाम के नासूर का अब स्थायी इलाज होने जा रहा है। मेरठ को जाम से मुक्ति दिलाने वाले सबसे बड़े कदम के तहत रोडवेज के ऐतिहासिक भैंसाली बस अड्डे को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया ने अंतिम रूप ले
लिया है।

जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भूड़बराल और मोदीपुरम में जमीन अधिग्रहण की अंतिम घोषणा कर दी है, जिससे शहरवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने का रास्ता साफ हो गया है। इस फैसले के बाद विभिन्न राज्यों और जनपदों से आने वाली 400 से ज्यादा बसों का शहर के भीतर प्रवेश बंद हो जाएगा, जिससे दिल्ली रोड और शहर के अंदरूनी हिस्सों को रोजाना लगने वाले भीषण जाम से स्थायी निजात मिलेगी।

बता दें कि, योजना के अनुसार, भैंसाली बस अड्डे को दो नए और आधुनिक बस अड्डों में विभाजित किया जाएगा, जिनका निर्माण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम द्वारा किया जाएगा। इसके लिए सिवाया और पल्हैड़ा गांव की 28,082 वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण किया गया है।

यह बस अड्डा मुख्य रूप से दिल्ली, गाजियाबाद और दक्षिण की ओर से आने-जाने वाली बसों का केंद्र होगा। इसके लिए दुल्हैड़ा गांव की 11,848 वर्ग मीटर भूमि अधिग्रहित की गई है। यहां से मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, हरिद्वार और उत्तराखंड की ओर जाने वाली बसों का संचालन होगा।

एक साल की प्रक्रिया पूरी, अब निर्माण की तैयारी: पिछले एक साल से चल रही भूमि अधिग्रहण की जटिल प्रक्रिया पूरी हो गई। दोनों बस अड्डों के लिए कुल 39,930 वर्ग मीटर भूमि अधिग्रहित की गई है। अधिग्रहण की अंतिम घोषणा के बाद अब आपत्तियों के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। इसके तुरंत बाद भूमि मालिकों के खातों में मुआवजे की राशि भेज दी जाएगी।

प्रभावित परिवारों को मिलेगी 5.50 लाख रुपये की आर्थिक मदद: प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण में मानवीय पक्ष का भी पूरा ध्यान रखा है। इस प्रक्रिया में प्रभावित हो रहे कुल 79 परिवारों को पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता दी जाएगी। भूड़बराल में 31 और मोदीपुरम में 48 प्रभावित परिवारों को कमिश्नर डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद की अनुमति के बाद प्रत्येक को 5.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।

जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने कहा कि भूमि अधिग्रहण की अंतिम घोषणा कर दी गई है। हमारा लक्ष्य जल्द से जल्द जमीन पर कब्जा लेकर इसे एनसीआरटीसी को सौंपना है, ताकि निर्माण कार्य शुरू हो सके। इन बस अड्डों के बनने से मेरठ शहर को जाम की समस्या से स्थायी रूप से मुक्ति मिलेगी और नागरिकों को शहर के बाहर ही अत्याधुनिक बस अड्डों की सुविधा प्राप्त होगी।

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

4,000,000FansLike
100,000SubscribersSubscribe

Latest posts