– विभिन्न मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का कमिश्नरी चौराहे पर प्रदर्शन।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। आंगनबाड़ी कार्यकतार्ओं-सहायिकाओं की लंबित मांगों के समाधान की मांग को लेकर गुरुवार को आंगनबाड़ी वर्कर्स हेल्पर्स एसोसिएशन की दर्जनों कार्यकत्रियों ने कमिश्नरी चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया।

इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय पर सौंपते हुए बताया कि, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं विगत कई दशकों से महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारशिला के रूप में कार्य करते हुए पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, टीकाकरण, मातृ-शिशु देखभाल सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की अनेकों योजनाओं का सफल क्रियान्वयन करती चली आ रही हैं। इसके बावजूद आज भी आंगनबाड़ी कर्मचारियों को न तो पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त है और न ही उन्हें वैधानिक सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने कहा कि, यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि, हमारी निम्नलिखित मांगों से संबंधित ज्ञापन सरकार को अनगिनत बार पूर्व में दिया जा चुका है, किंतु आज तक कोई ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। जबकि, 9 और 18 जनवरी को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने भी अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया था। किंतु सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं की गई। जिसके चलते आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों में रोष व्याप्त है।
प्रदर्शन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने पूर्णकालिक
सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्रदान करते हुए वेतनमान, भविष्य निधि, पेंशन, ग्रेच्युटी, महंगाई भत्ता एवं सवेतन मेडिकल अवकाश सहित समस्त वैधानिक लाभ दिए जाने, उत्तर प्रदेश में भी रिटायरमेंट की आयु 65 वर्ष की जाए तथा कोरोना काल से अब तक सेवानिवृत्त समस्त आंगनबाड़ी कार्यकतार्ओं को पैशन एवं ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए। अपनी पुरानी मांगों को भी ज्ञापन में शामिल करते हुए उन्हें तत्काल पूरा किए ाने की मांग प्रदर्शन के दौरान उठाई गई।


