- शिवसेना ने कलक्ट्रेट पर किया डूडा और नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। प्रधानमंत्री आवास योजना में डूडा और नगर निगम द्वारा गरीबों के मकानों के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को दर्जनों शिव सैनिकों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय पर सौंपते हुए इस मामले में धांधली करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। शिव सेना से यूपी प्रभारी धर्मेंद्र तोमर ने आरोप लगाते हुए बताया कि, मेरठ में नगर विकास अभिकरण (डूडा) और नगर निगम के भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के कारण आज तक भी गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध नहीं कराए जा सके हैं।
उन्होंने कहा कि, 13 दिसंबर 2016 में आखिरी बार प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत डूडा कार्यालय द्वारा गरीबों को मुफ्त आवास देने के लिए डाबका-दायमपुर में 576 मकानों का निर्माण कराया गया था। जिसमें से केबल 80 मकानों का ही आवंटन किया गया, जबकि, अन्य मकान आज भी जर्जर हालत में हैं। जिनकी खिड़की-दरवाजे चोरी हो चुके हैं। इसी तरह से लोहिया नगर स्थित कांशीराम में मकान निरस्त कर दिए गए। जिनका आज-तक भी आवंटन होना बाकी है।
इसके अलावा पहले से कांशीराम बीएसयूपी योजना में भी जो अपात्र लोगों को दिए मकान जांच में अपात्र पाए गए। लेकिन, लिस्ट में शामिल पात्र डूडा की सूची में शामिल होने के बाद भी आज तक भी आवंटन नहीं हुआ। जबकि वर्ष 2022 तक सभी शहरी क्षेत्रों में सभी गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत घर उपलब्ध कराने थे।
उन्होंने आरोप लगाए कि इसका जिम्मेदार नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) और भ्रष्ट नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी है। इन झुग्गी-झोपड़ियों के कारण ही बार-बार मेरठ स्मार्ट सिटी की दौड़ से बाहर होता रहा है। शिवसेना की मांग है कि, मेरठ को झुग्गी-झोपडी मुक्त करते हुऐ सभी झुग्गी-झोपडी वालों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्के आवास उपलब्ध कराए जाएं।


