लखनऊ में ली पार्टी की सदस्यता, खतौली सीट से कर रहे चुनाव की तैयारी
शारदा रिपोर्टर मेरठ। मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके दारा सिंह प्रजापति आज समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। मेरठ के गंगानगर में रहने वाले दारा सिंह के सपा में जाने की अटकलें काफी दिनों से लगाई जा रही थीं। आज उनके सपा में शामिल होने पर खुद इसकी पुष्टि हो गई।
शुक्रवार, 16 अक्टूबर की देर शाम दारा सिंह ने सरधना विधायक अतुल प्रधान के साथ लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। अतुल प्रधान ने मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की थी। दारा सिंह प्रजापति ने बताया था कि अखिलेश यादव ने उन्हें 26 अक्टूबर को पार्टी में शामिल कराने का समय दिया है। उन्होंने कहा कि उनके साथ यूपी में प्रजापति समाज के कई बड़े चेहरे और अन्य लोग भी सपा में शामिल होंगे।
दारा सिंह प्रजापति ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मुजफ्फरनगर सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उन्हें 1,43,707 वोट मिले थे। इस चुनाव में सपा के हरेंद्र मलिक ने भाजपा के संजीव बालियान को 24,672 वोटों से हराया था।
दारा सिंह प्रजापति ने बताया कि खतौली सीट से वो चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। सपा से खतौली सीट पर टिकट मांगेंगे। कहा कि टिकट न भी मिला तो सपा की सरकार यूपी में दोबारा बनाने में मदद करेंगे।
कहा कि बिना ताकत के कुछ नहीं है। दो-ढाई साल से बुलडोजर बाजी झेल रहे हैं, अब क्या करें? कहीं न कहीं मजबूती तो जरूरी है। बहनजी ने मुझे 2024 के चुनाव में मुजफ्फरनगर से चुनाव लड़ने का अवसर दिया ठीक है, लेकिन अब आगे भी तो चुनाव लड़ना है। घर में थोड़े बैठना है। चुनाव लड़ना और जीतना है इसलिए कुछ न कुछ तो करना पड़ेगा। हारने से क्या फायदा है हर बार हारता रहूंगा क्या? सरकार आ गई तो सबका भला होगा।
समाजवादी पार्टी से राजनीतिक शुरूआत
दारा सिंह प्रजापति ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत समाजवादी पार्टी से की थी। 1995 से 2006 तक समाजवादी पार्टी में रहे। इसके बाद उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा में आगे बढ़ते हुए दूसरी पार्टी से जुड़ने का निर्णय लिया। 2009 में दारा सिंह प्रजापति ने मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और हार गए। 2014 में बहुजन समाज पार्टी से जुड़े।
प्रजापति समाज के अधिकारों के लिए आवाज
दारा सिंह प्रजापति राष्ट्रीय प्रजापति महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। 2024 में उन्होंने प्रजापति समाज की राजनीतिक भागीदारी और जातिगत जनगणना जैसे मुद्दों को लेकर चर्चा में जगह बनाई। उन्होंने हरिद्वार से दिल्ली के जंतर-मंतर तक संकल्प यात्रा निकालने का प्रयास किया।