ताला तोड़कर खोला जाएगा कमरा, सौरभ के परिवार ने सामान लेने से किया इंकार
शारदा रिपोर्टर मेरठ। नीलाड्रम कांड वाला किराए का घर पिछले 18 महीने से बंद पड़ा है। ब्रहमपुरी इंदिरा नगर में बने इस मकान को खोलना अब और मुश्किल हो गया है। क्योंकि पुलिसवालों से मकान में लगे ताले की चाभी खो हो चुकी है। इतना ही नहीं सौरभ के परिवार ने मकान में रखे सामान को लेने से फिलहाल इंकार कर दिया है।
उनके परिवार का कहना है कि वो पुलिसवालों की मौजूदगी में पूरी वीडियोग्राफी के साथ कानूनी तौर पर ही सामान लेंगे। अन्यथा वो मकान में कदम भी नहीं रखेंगे। वहीं 18 महीने से बंद पड़े मकान के कारण मकानमालिक ओमपाल परेशान हैं। उन्हें मकान का किराया नहीं मिलने से फाइनेंशियल नुकसान हो रहा है। हर महीने मकान का बिल भरना पड़ रहा है। मकान भी बंद पड़े होने के कारण खराब हो रहा है।
मकान के मालिक ओमपाल सिंह हैं। ओमपाल ने साढ़े तीन साल पहले ये मकान सौरभ-मुस्कान को 3500 रुपए महीना किराए पर दिया था। जिसका किराया मार्च 2025 तक 8हजार रुपए महीना तक पहुंच चुका था। सौरभ हर महीने आॅनलाइन ही लंदन से ये किराया ओमपाल के बैंक अकाउंट में भेज देता था।
थानापुलिस ने मकान पर लगाए ताले
सौरभ की हत्या इसी मकान में की गई थी। यहीं उसकी लाश को नीलेड्रम में सील किया गया था। ये मकान क्राइम स्पॉट होने के कारण पुलिस ने इसे 17 मार्च 2025 से बंद किया हुआ है। मकान पर ब्रहमपुरी थानापुलिस ने दो ताले डाल दिए। एक मकान के एंट्री डोर और दूसरा ताला पुलिस ने मकान के मेन गेट पर डाल दिया है। इसके चलते मकान बंद है।
ओमपाल ने एसएसपी से लगाई थी गुहार
अब जब ये केस जिले से क्लोज हो चुका है। केस में जिला अदालत मुस्कान-साहिल को फांसी की सजा सुना चुकी है। जल्द ही दोनों की जेल भी मेरठ से शिफ्ट हो जाएगी। ऐसे में ओमपाल का मकान अब खुलना चाहिए। ओमपाल लगातार पुलिस से मकान खोलने की गुहार लगा रहे थे। उन्होंने एक निजी वकील भी हायर किया था जो उनका मकान खुलवा दे। लेकिन वकील ने फीस लेने के बाद भी मकान नहीं खुलवाया। अब ओमपाल ने लगभग 7 दिन पहले मेरठ कप्तान आॅफिस में जाकर अपनी एप्लीकेशन दी थी। जिसमें उन्होंने अपना मकान खुलवाने की गुहार लगाई थी।
थाने पर पहुंचे तो नहीं मिली चाबी
एसएसपी आॅफिस से उनकी एप्लीकेशन थाने को मार्क कर दी गई। स्वयं सीओ ब्रहमपुरी उस दिन जनसुनवाई में कप्तान आॅफिस में थे। उन्होंने तुरंत ब्रहमपुरी थाने को शिकायत का निस्तारण करने का आदेश दिया था। कप्तान कार्यालय से ओमपाल देर शाम थाने पहुंचे। ब्रहमपुरी थाने पर उन्हें बताया गया कि मकान खुल जाएगा परेशान मत होइए। इसके बाद थाना पुलिस मकान में लगे ताले की चाभी तलाशने लगी। लेकिन चाभी नहीं मिली, मौके पर शारदा रोड चौकी प्रभारी को बुलाकर चाभी पूछा गया लेकिन चाभियां नहीं मिली हैं। पुलिस ने कहा कि अब ताला तोड़ना पड़ेगा।
सौरभ के परिवार ने सामान लेने से इंकार किया
पुलिस मकान खोल दे लेकिन बड़ी समस्या मकान में अंदर जो मुस्कान-सौरभ का सामान रखा है वो कहां जाएगा? ओमपाल भी समझ नहीं पा रहे ये सामान क्या करे। उन्होंने कहा कि मुझे कोई सामान नहीं चाहिए बस मेरा मकान चाहिए। जब उन्होंने सौरभ के परिवार से सामान के लिए संपर्क किया तो सौरभ के भाई राहुल ने सामान लेने से इंकार कर दिया।