कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर राष्ट्रीय जाट महासभा ने की आरक्षण देने की मांग
मेरठ। जाट समाज को केन्द्रीय सेवाओ में अन्य पिछड़ा वर्ग की सूचि में शामिल कराने की मांग को लेकर सोमवार को राष्ट्रीय जाट महासभा के दर्जनों सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने एक ज्ञापन डीएम कार्यालय पर सौंपते हुए बताया कि, राष्ट्रीय जाट महासभा (भारत) इस ज्ञापन के माध्यम से आपको अवगत कराना चाहती है कि,वर्तमान समय में जाट समाज बेहद कमजोर आर्थिक परिस्थितियों से घिरा हुआ है जमीन कम हो रही है। जिसके चलते रोजगार का दुसरा कोई साधन जाट समाज के पास जीविकोपार्जन का नहीं है। जिस कारण आज समाज अपने बच्चो को अच्छी शिक्षा भी दिलाने में अपने आप को असमर्थ समझता है।
प्रदर्शन कर रहे जाट महासभा के सदस्यों ने बताया कि, आज जाट समाज आर्थिक मोर्चे पर पिछड़ने के कारण शैक्षिक, सामाजिक एवं राजनैतिक रूप से काफी कमजोर होने के कारण जाट समाज को अगर केन्द्रीय स्तर पर पिछड़ा वर्ग आयोग की सूचि में शामिल किया जाता है तो समाज राष्ट्र के विकास में और अधिक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जाट समाज के युवा आज जिस प्रकार खेलो में एकतरफा मेडल लाते है।
वहीं, सीमा पर रहकर देश की रक्षा करने का भी काम करते है। पूर्व में यूपीए – 2 की सरकार में जाट समाज को पिछड़ा वर्ग की सूचि में शामिल किया गया। लेकिन किन्ही कारणों से न्यायालय में वाद दायर किए जाने के कारण वह निरस्त हुआ।
उसके पश्चात आपके नेतृत्व में बनी एनडीए की सरकार को बनवाने में जाट समाज ने भरपूर सहयोग किया तथा आपके एवं माननीय ग्रह मंत्री अमित शाह के द्वारा समाज को 2017, 2019, 2022, 2024 में केंद्र में आरक्षण देने का वादा किया गया। लेकिन आज तक आपने और सरकार ने वादा नहीं निभाया है, जिससे समाज की भावनाए आहत हुई है और समाज ने तय किया है कि, जाट महासभा इस बार भाजपा का विरोध करेगा और उस पार्टी को वोट करेगा जो जाट सेवाओ में आरक्षण देने का काम करेगी।