शान मौहम्मद को जिला बदर करने के विरोध में छात्रों ने कमिश्नरी चौराहे पर किया प्रदर्शन
मेरठ। छात्र नेता शान मोहम्मद पुत्र जान मोहम्मद के विरुद्ध जिला बदर आदेश के संबंध में प्रशासनिक पुनर्विचार करने की मांग को लेकर गुरुवार को दर्जनों छात्रों ने कमिश्नरी चौराहे पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने एक ज्ञापन डीएम कार्यालय पर सौंपते हुए बताया कि, शान मोहम्मद पुत्र जान मोहम्मद, निवासी मौहल्ला मोसमखानी, थाना किठौर, जनपद मेरठ, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ से विधि के छात्र हैं, जबकि, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छात्र हितों से संबंधित संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि, शान मोहम्मद द्वारा छात्र हितों एवं विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर समय-समय पर लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन एवं अपनी बात रखने का कार्य किया गया है। इन्हीं गतिविधियों से संबंधित कुछ अभियोग उनके विरुद्ध पंजीकृत हुए है, जिनका उल्लेख पुलिस आख्या में किया गया है। उक्त अभियोग न्यायालयों में विचाराधीन हैं तथा उनमें वे न्यायालय से जमानत पर हैं। शान मुहम्मद पर मेरठ पुलिस की तरफ से तीन मुकदमों में गुंडा एक्ट लगाया गया।
जबकि, ये मुकदमे धरना प्रदर्शन के फर्जी मुकदमे दर्ज हुए है उनका कहना था कि, प्रार्थी के विरुद्ध हत्या, अपहरण, लूट, डकैती, बलात्कार, शराब/मादक पदार्थ तस्करी अथवा इस प्रकार के किसी गंभीर संगठित अपराध का कोई आरोप/दोषसिद्धि नहीं है। केवल छात्रों एवं जनता आवाज उठाने पर पुलिस द्वारा लिखे गए मुकदमों की संख्या के आधार पर प्रार्थी को समाज के लिए भय अथवा खतरे का कारण मानना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि, यह भी संगठन के संज्ञान में है कि उनके विरुद्ध दिनांक 26.09.2026 को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), मेरठ द्वारा तीन माह की अवधि के लिए जिला बदर का आदेश पारित किया गया है। इसलिए हम सभी छात्र यह मांग करते हैं कि, शान मोहम्मद वर्तमान में एक विद्यार्थी है और उनका शैक्षणिक जीवन तथा छात्र हितों से संबंधित गतिविधियां मेरठ जनपद से जुड़ी हुई हैं। उनके विरुद्ध उल्लिखित प्रकरणों के संबंध में अभी न्यायालय द्वारा अंतिम निर्णय होना शेष है। प्रकरण के समस्त तथ्यों एवं उनकी छात्र के रूप में स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए मानवीय एवं प्रशासनिक दृष्टिकोण से उक्त जिला बदर आदेश पर पुनर्विचार करते हुए आवश्यक प्रशासनिक कार्यवाही/निरस्तीकरण किया जाए।