Homeउत्तर प्रदेशMeerutबारिश के बीच कमिश्नर आॅफिस को किसानों ने घेरा

बारिश के बीच कमिश्नर आॅफिस को किसानों ने घेरा

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दो सौ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहुंचे, पुराने वाहनों और कच्ची कॉलोनियों पर कार्रवाई का विरोध


शारदा रिपोर्टर  मेरठ।  भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकतार्ओं ने सोमवार को कमिश्नर आॅफिस का घेराव किया। किसान करीब 200 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहुंचे। इस दौरान किसानों ने पुराने वाहनों पर कार्रवाई और कच्ची कॉलोनियों में बने मकानों को अवैध बताए जाने का विरोध किया।

भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में किसान कमिश्नर आॅफिस पहुंचे। किसानों का कहना है कि दोनों मामले किसान और आम लोगों से जुड़े हैं। उन्होंने अधिकारियों से कार्रवाई पर जवाब मांगा और मांगों का समाधान नहीं होने पर आंदोलन आगे बढ़ाने की चेतावनी दी।

कमिश्नरी पर किसानों के जुटते ही बारिश शुरू हो गई। पुलिस किसानों को रोकने की कोशिश की। इस पर भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने सड़क पर कुर्सी लगा करके धरने पर बैठ गए।

मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) पर किसानों के पहुंचते ही वीसी खुद कार्यालय के बाहर आ गए। इसके बाद किसानों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता यूनियन के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति बाबा मेजर चिंदौड़ी ने की। ज्ञापन में शहर में अवैध कॉलोनियों और निर्माण को तोड़े जाने का विरोध जताया। ज्ञापन में कहा कि जब ये निर्माण हो रहे थे, तब ही उन्हें क्यों नहीं  रोका गया। ऐसे में अब जो लोगों का नुकसान हो रहा है, उसकी भरपाई कौन करेगा।

भारतीय किसान यूनियन के नेता नरेश टिकैत के प्रतिनिधि ने कहा कि हम मेडा में अनिश्चितकालीन धरना देने आए थे, लेकिन वीसी ने किसान यूनियन और किसानों का सम्मान किया। वीसी साहब खुद गेट पर आ गए, इसलिए हमने उन्हें मुख्यमंत्री के नाम 12 समस्याओं वाला ज्ञापन सौंप दिया। हम सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं और करते रहेंगे। हमारी मांग है कि गन्ने के ब्याज से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के आदेश को तुरंत लागू कराया जाए। मेडा के गठन से पहले की संपत्तियों का भी सर्वे हो चुका है। इसका दोबारा री-सर्वे होना चाहिए।

जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने बताया कि उनके नेतृत्व में दो जगहों पर प्रदर्शन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ शामिल हुए। किसान और आम लोगों से जुड़े मामलों में अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। अनुराग चौधरी ने कहा कि अधिकारियों से सम्मानपूर्वक बातचीत के जरिए समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की रणनीति भी तैयार की जाएगी।

मेडा वीसी को ज्ञापन सौंपने के बाद किसान सड़क पर नाचते हुए आरटीओ कार्यालय के लिए रवाना हुए। हल्की बारिश की फुहार के बीच किसान उत्साह के साथ आगे बढ़ते नजर आए। अब वे आरटीओ में अपनी मांगें रखेंगे। किसानों की मांग जनपद में चल रहे वाहनों को लेकर है। जहां पर डीजल के दस और पेट्रोल के पंद्रह वर्ष पूरे कर चुके वाहनों को सीज कर उठवाया जा रहा है। किसानों की मांग की है कि इसके लिए समय दिया जाए और ट्रैक्टर को इस श्रेणी से अलग रखा जाए। क्योंकि ट्रैक्टर किसानों का कृषि यंत्र है, जिस पर कार्रवाई होने से किसान का काम बंद हो जाएगा।

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