सेंट्रल मार्केट को लेकर सियासत गरमाई, सपा कार्यकतार्ओं और पुलिस में धक्का-मुक्की
शारदा रिपोर्टर मेरठ। सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के मुद्दे पर गुरुवार को शहर की सियासत गरमा गई। समाजवादी पार्टी के कार्यकतार्ओं ने व्यापारियों के समर्थन में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और व्यापारियों को राहत प्रदान करने की बात कही।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्यकतार्ओं को रोकने का प्रयास किया, जिस पर दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की हो गई। कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। कार्यकतार्ओं ने मांग की कि सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों की समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए।
सपा नेताओं ने कहा कि सरकार सिर्फ आश्वासन दे रही है, जमीनी हकीकत कुछ और है। यदि सरकार सच में व्यापारियों की मदद करना चाहती है तो विधानसभा और संसद में कानून लाकर उन्हें राहत दे। कार्यकतार्ओं ने आरोप लगाया कि मेरठ के सांसद, राज्य मंत्री और महापौर लगातार व्यापारियों को आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन धरातल पर उन्हें कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
सपा का आरोप है कि पूर्व में भाजपा पदाधिकारियों ने व्यापारियों को मार्केट न टूटने का भरोसा दिलाया था। मिठाई खिलाकर दुकानें तक खुलवाई गईं थीं। लेकिन दो महीने के भीतर ही प्रशासन ने 50 से अधिक दुकानों पर बुलडोजर चला दिया, जिससे व्यापारियों में भारी आक्रोश है।
प्रदर्शन में सरधना विधायक अतुल प्रधान भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सरकार को कथनी और करनी में अंतर नहीं रखना चाहिए। अतुल प्रधान ने कहा, “जब सरकार मदद की बात कर रही है तो मदद दिखनी भी चाहिए। व्यापारियों को उजाड़ना बंद होना चाहिए। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि, प्रभावित व्यापारियों को उचित मुआवजा और पुनर्वास दिया जाए और मार्केट के विवाद को जल्द सुलझाया जाए।
सपा जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और कार्यकतार्ओं को समझा-बुझाकर शांत कराया। व्यापारियों ने भी सपा के इस समर्थन का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि उनकी आवाज अब सरकार तक पहुंचेगी।