सीएचसी के सीसीटीवी कैमरों की हार्डडिस्क भी गायब, चालक गायब
कानपुर। देहात के डेरापुर सीएचसी से बुधवार सुबह करीब 3 बजे एक 102 एंबुलेंस गायब हो गई। 24 घंटे बाद भी यह पुलिस के लिए एक पहेली बनी हुई है। सीएचसी परिसर में खड़ी यह एंबुलेंस करीब 15 किलोमीटर दूर कानपुर-इटावा हाईवे किनारे खाई में क्षतिग्रस्त हालत में मिली। पुलिस के सामने अब भी कई सवाल हैं कि एंबुलेंस सीएचसी से कैसे निकली, उसे कौन चला रहा था और हादसे के बाद चालक कहां चला गया।
यह मामला डेरापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। मंगलवार रात करीब 12 बजे एंबुलेंस (यूपी 32 एफजी 0502) एक मरीज को लेकर अस्पताल पहुंची थी। मरीज को छोड़ने के बाद एंबुलेंस को सीएचसी परिसर में खड़ा कर दिया गया। बताया गया है कि चालक शैलेश यादव और ईएमटी इरम अंदर जाकर सो गए थे।
बुधवार तड़के करीब 3 बजकर 12 मिनट पर एंबुलेंस सीएचसी परिसर से निकल गई। सुबह जब एंबुलेंस की जरूरत पड़ी, तो चालक और ईएमटी बाहर आए। उन्होंने देखा कि वाहन अपनी जगह पर नहीं था। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। तलाश शुरू होने पर देर रात एंबुलेंस थानवापुर के पास हाईवे किनारे खाई में क्षतिग्रस्त हालत में मिली।
जिस हालत में एंबुलेंस मिली है, उससे लगता है कि हादसा काफी गंभीर था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर एंबुलेंस कोई चला रहा था, तो उसे चोट क्यों नहीं लगी? हादसे के बाद चालक या उसमें सवार व्यक्ति कहां चला गया क्या कोई उसे वहां से ले गया या वह खुद मौके से निकल गया
जांच में एक और बात सामने आई है। पुलिस जब सीएचसी परिसर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने पहुंची, तो वहां कैमरों की हार्डडिस्क ही गायब मिली। इस वजह से पुलिस को एंबुलेंस के सीएचसी से निकलने की तस्वीरें नहीं मिल पा रही हैं। अब पुलिस दूसरे कैमरों और रास्ते में लगे सीसीटीवी की फुटेज तलाश रही है।
एंबुलेंस चालक की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत दी गई है, लेकिन अभी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह के मुताबिक घटना संदिग्ध मानकर जांच की जा रही है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं एंबुलेंस से जुड़े लोग ही उसे किसी काम से लेकर तो नहीं गए थे और हादसे के बाद चोरी की बात सामने आई हो।
एक तरफ एंबुलेंस पूरी तरह क्षतिग्रस्त है, दूसरी तरफ मौके पर चालक या किसी अन्य व्यक्ति के मौजूद होने का पता नहीं चला। सीएचसी से एंबुलेंस निकलने का रिकॉर्ड भी सवालों में है और सीसीटीवी की हार्डडिस्क न मिलने से जांच और उलझ गई है। अब देखना होगा कि पुलिस की जांच में एंबुलेंस की चाबी से लेकर हाईवे की खाई तक का पूरा सच कैसे सामने आता है।