दुकानों से शीशियां-फ्रेम गिरे, सरकारी अस्पताल के खिड़की-दरवाजे खड़खड़ाए
बुलंदशहर। अनूपशहर कस्बे में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान देर रात तक मानक से अधिक तेज आवाज और हैवी बेस में बजे डीजे स्थानीय लोगों और व्यापारियों के लिए भारी मुसीबत बन गए। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद 12 से 15 फीट ऊंचे डीजे तेज डेसिबल पर बजते रहे। बेस की धमक इतनी भयानक थी कि दुकानों में रखा सामान नीचे आ गिरा और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के दरवाजे-खिड़कियां तक हिलने लगीं।
डीजे के हैवी बेस की धमक से आसपास के दुकानदारों का भारी नुकसान हुआ है। व्यापारी ओमदत्त वार्ष्णेय ने बताया कि बेस की धमक से उनकी दुकान में रखी तेल की शीशियाँ नीचे गिरकर फूट गईं, जिससे करीब 1,000 रुपए का नुकसान हुआ। वहीं, मेडिकल स्टोर संचालक गिरीश बंसल और गुलशन गुप्ता की दुकानों से दवाइयां और सामान नीचे गिर गए। चश्मा व्यापारी ललित बंसल के मुताबिक, धमक के कारण लेंस और फ्रेम के डिब्बे रैकों से गिर पड़े। घटना से दुखी व्यापारी यूनियन ने पुलिस प्रशासन से डीजे को तय मानकों के तहत बजाने और बेस पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल आॅफिसर डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह ने बताया कि विसर्जन जुलूस जब अस्पताल के पास से गुजरा तो डीजे की धमक से उऌउ की खिड़कियां और दरवाजे कांपने लगे, जबकि अस्पताल परिसर ‘साइलेंस जोन’ (ध्वनि-प्रतिबंधित क्षेत्र) होता है। उन्होंने डीजे संचालकों और आम जनता से अपील की है कि अस्पताल के पास पहुंचते ही डीजे की आवाज या तो बंद करें या बेहद धीमी रखें।
डॉ. केपी सिंह ने चेतावनी दी कि अत्यधिक तेज आवाज और बेस का दिल के मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों की सेहत पर बहुत गंभीर व हानिकारक असर पड़ता है। इससे कानों की सुनने की क्षमता भी हमेशा के लिए प्रभावित हो सकती है।