– रोहतक से शेरनी सुधा लाने की तैयारी।
इटावा। विश्व के पर्यटन मानचित्र पर अपनी एक अलग पहचान बना चुके इटावा सफारी पार्क के साढ़े नौ वर्ष के एशियाई बब्बर शेर सिंबा और सुल्तान के लिए दुल्हन की तलाश लंबे समय से जारी है। करीब डेढ़ साल से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक यह तलाश पूरी नहीं हो सकी है। अब सफारी प्रबंधन ने हरियाणा के रोहतक प्राणि उद्यान से शेरनी सुधा को लाने की प्रयास शुरू किया है, जिससे उम्मीद है कि जल्द ही दोनों शेरों को उनकी जोड़ी मिल जाएगी और उनका कुनबा भी बढ़ेगा।

इटावा सफारी के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि सफारी पार्क में बब्बर शेर मनन और जेसिका की पहली मेटिंग से अक्टूबर 2016 में दो शावकों का जन्म हुआ था, जिन्हें सिंबा और सुल्तान नाम दिया गया। अब ये दोनों शेर करीब नौ साल के हो चुके हैं और सफारी के प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं।
सफारी में पहले से मौजूद मादा शेरनियां सिंबा और सुल्तान की सिबलिंग हैं। इसी वजह से उनके साथ प्रजनन संभव नहीं है। ऐसे में बाहर से नई शेरनी लाना जरूरी हो गया है, ताकि इन दोनों शेरों की अगली पीढ़ी तैयार हो सके।
सफारी प्रबंधन ने अब हरियाणा के रोहतक प्राणि उद्यान से शेरनी लाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। जानकारी के अनुसार, रोहतक की शेरनी ह्यसुधाह्ण को इटावा लाने पर सहमति बन रही है। इसके बदले इटावा सफारी पार्क से वर्ष 2022 में विश्व लायन डे के मौके पर जन्मे नर शेर ‘विश्वा’ को रोहतक भेजा जाएगा।
बताया जा रहा है कि शेरनी सुधा पहले दो बार मां बन चुकी है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि वह इटावा में भी सफल प्रजनन कर सकेगी। हालांकि, उसे सफारी में लाने से पहले उसके स्वास्थ्य की पूरी जांच कराई जाएगी। इसके लिए उसके सैंपल आईवीआरआई बरेली और एनसीबीएस बैंगलोर भेजे जाएंगे।
शेरनी को इटावा लाने की प्रक्रिया केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, नई दिल्ली की अनुमति के बाद ही पूरी हो सकेगी। इसके साथ ही सफारी प्रबंधन गुजरात के सक्करबाग प्राणि उद्यान और बिहार के राजगीर प्राणि उद्यान से भी लगातार संपर्क बनाए हुए है।
राजगीर प्राणि उद्यान के वन्य जीव चिकित्सक ने हाल ही में इटावा सफारी का दौरा किया था, जबकि डेढ़ वर्ष पूर्व सफारी के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने गुजरात और वन्य चिकित्सक डॉ. रोबिन यादव ने रोहतक प्राणि उद्यान का निरीक्षण भी किया है।
गुजरात से डेढ़ वर्ष पूर्व एक शेरनी मिलने का आश्वासन दिया गया था लेकिन बाद में किसी कारण वहां से शेरनी नहीं मिल सकी, जिसके बाद अब अन्य प्राणि उद्यान से शेरनी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सफारी प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही सिंबा और सुल्तान के लिए बहुप्रतीक्षित शेरनी मिल जाएगी। इससे न सिर्फ बब्बर शेरों का कुनबा बढ़ेगा, बल्कि उनकी ब्लडलाइन में भी बदलाव आएगा और इटावा सफारी पार्क की आकर्षण क्षमता और मजबूत होगी।

