– जिला विद्यालय निरीक्षक ने दिए आदेश, संयुक्त टीम करेगी जांच और बंद कराएगी स्कूल।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। जिले में बिना मान्यता चलने वाले स्कूलों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार ने सभी सरकारी और निजी माध्यमिक विद्यालयों को निर्देश दिया है कि बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों की जानकारी दी जाए और ऐसे संस्थानों को बंद कराया जाए।

इस कार्रवाई के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की संयुक्त टीम बनाई जाएगी। यह टीम जिले में ऐसे स्कूलों की पहचान करेगी जो बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं और उन्हें बंद कराने की कार्रवाई करेगी।
यदि कोई स्कूल पहली से आठवीं कक्षा तक मान्यता प्राप्त है लेकिन उसमें नौवीं से बारहवीं तक की कक्षाएं बिना मान्यता के चलाई जा रही हैं तो उन्हें बंद कराने की जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की होगी। वहीं माध्यमिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में यदि अमान्य कक्षाएं संचालित होती पाई गईं तो जिला विद्यालय निरीक्षक स्वयं नोटिस जारी कर उन्हें बंद कराएंगे।
आठवीं पास कर चुके दिव्यांग बच्चों को नौवीं कक्षा में हर हाल में प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सभी दिव्यांग विद्यार्थियों की स्कूलवार, न्याय पंचायतवार और ब्लॉकवार सूची तैयार कर जिला विद्यालय निरीक्षक को उपलब्ध करानी होगी। यदि किसी दिव्यांग बच्चे का प्रवेश नहीं हो पाता है तो इसके स्पष्ट कारण बताना अनिवार्य होगा।
दो चरणों में चलेगा स्कूल चलो अभियान
नए शैक्षिक सत्र 2026-27 में स्कूल चलो अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा। पहला चरण एक अप्रैल से 15 अप्रैल तक और दूसरा चरण एक जुलाई से 15 जुलाई तक चलेगा। अभियान शुरू होने से पहले हर विद्यालय में स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक कर अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही आठ से चौदह वर्ष तक के स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा विद्यालय में प्रवेश दिलाने पर जोर दिया जाएगा। स्कूलों को साफ-सुथरा और आकर्षक बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि नए सत्र के पहले दिन बच्चों का स्वागत उत्साह के साथ किया जा सके।

