दोस्ती- दुश्मनी के नंबर: एक नंबर वालों को सिर्फ तीन नंबर के लोग ही काबू कर पाते हैं।

शिखा सक्सेना, ज्योतिषाचार्य। हमारे जीवन में कई बार हम किसी से मिलते हैं तो हमें बहुत अच्छा लगता है लेकिन कई बार हमें कुछ लोगों की उपस्थिति परेशान कर देती है । क्या आप जानते हैं ऐसा क्यों होता है । ये होता है तब जब आपके मूलांक से मैच करने वाला व्यक्ति जब भी आपके पास आयेगा तो आपको अच्छा लगेगा और जो नंबर आपको सूट नहीं करता वही आपको बुरा लगने लगता है ।
हमारे जीवन में नंबरों का बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है । आप अपनी मित्र मंडली से ये चेक कर सकते हैं कि वास्तव में आपके मित्र वही है जिन नंबरों के लोग आपको सूट करते हैं ।

सबसे पहला नंबर है “एक”। एक नंबर सबसे तेज लोगों का नंबर है और ये अपने प्रभाव में सबको लेने वाले होते हैं। इसलिए इन्हें ऐसे दोस्तों की ज़रूरत होती है जो इनकी सुनें और अपनी बात जायदा ना करें । इसलिए इनकी सबसे ज़्यादा नंबर दो,तीन और पाँच वालों से पटती है । उसका कारण है कि नंबर दो वाले थोड़े एडजस्टेबल और शांत प्रकृति के होते है इसलिए दो नंबर वाले इनके बड़बोलेपन को सह लेते है साथ ही दो नंबर वालों में ईगो भी नहीं होता तो एक और दो की दोस्ती निभ जाती है ।
एक नंबर से तीन नंबर वालों की भी अच्छी निभती है क्योंकि तीन नंबर गुरु और ज्ञान का नंबर है तो तीन नंबरवाला अपने ज्ञान से एक नंबर की सारी बुराई को खुलकर बडे तरीके से रख देता है तो एक नंबर वाला व्यक्ति शांत हो जाता है और उसकी सारी सलाह पर अमल करता है ।
अब पांच नंबर वाले व्यक्ति से एक नंबरवालों की दोस्ती इसलिए बढ़िया जमती है क्योंकि पाँच नंबर वाले व्यक्ति सबकी हाँ में हाँ मिलाने वाले लोग होते हैं जो एक नंबर वालों को सबसे ज़्यादा पसंद होता है ।
चार वालों से भी एक नंबर वालों की निभ जाती है जब ये दोनों ही अपने काम से मतलब रखे वरना टकराव होने में देर नहीं लगती । छह और सात वालों से भी बहूत गहरी दोस्ती नहीं होती पर मौका पड़ने पर जायदा परहेज भी नहीं करते इनसे एक नंबर वाले ।
आठ और नौ नंबर के लोगों के साथ एक नंबर वालों की नहीं बनती क्योंकि एक,आठ और नौ तीनों ही अहंकारी होते हैं और कोई किसी से अपने को एक इंच भी कम नहीं मानता ।
अंत में एक मजेदार बात यह भी है कि एक नंबर वाले व्यक्ति के दोस्त एक नंबर वाले व्यक्ति भी नहीं बन पाते क्योंकि वे दोनों ही अहंकारी होते हैं तो एक म्यान में एक ही तलवार रह सकती है ।
इसलिए जब भी दोस्त बनाये तो चेक जरूर कर लें कि वो व्यक्ति आपको कितना सूट करेगा या करेगी ।


