शारदा रिपोर्टर मेरठ। विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर शुक्रवार को उधोग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के दर्जनों सदस्य ऊर्जा भवन पहुंचे। इस दौरान उन्होंने चीफ इंजीनियर से मुलाकात कर बताया कि, स्मार्ट मीटर और नेट मीटर के बिल समय से नहीं बन रहे हैं। जबकि, बिल बनवाने के लिए उपभोक्ता लगातार विभाग के चक्कर काटने पड रहे हैं। इसलिए विभाग द्वारा देरी से बिल बनाए जाने के बाद भी उपभोक्ता से बिजली कटौती हेतु चेस्टर घोषित किया जाए तथा उसकी सूचना सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही अघोषित बिजली कटौती को पूर्णत प्रतिबंधित किया जाए।

उन्होंने कहा कि, अधिशासी अभियंता व उपखंड अधिकारी कार्यालय में प्रार्थनापत्र जमा करने पर रिसीविंग नहीं दी जाती है। विद्युत आपूर्ति व बिल सुधार से संबंधित शिकायत दर्ज करते समय शिकायत पर्ची बनाई जाए, जिसकी एक प्रति उपभोक्ता को भी उपलब्ध कराई जाए।
बताया कि, यदि आवश्यकता है तो मीटर की जांच मौके पर की जाए, उपभोक्ता की जांच के नाम पर लब में न बुलाया जाए। मीटर लगाए जाते समय अथवा मीटर उतारते समय सीलिंग सर्टिफिकेट मौके पर नहीं दिया जाता, जिससे उपभोक्ताओं का उत्पीडन एवं भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। 100 प्रतिशत मामलों में मौके पर ही सीलिंग सर्टिफिकेट दिए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि, केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा सौर ऊर्जा की बढ़ावा देने हेतु अनेक योजनाएं चलाई जा रही है तथा सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी भी दी जा रही है, परंतु नेट मीटरिंग वाले उपभोक्ताओं की सौर ऊर्जा की रीडिंग घटवाने के लिए विभाग के चक्कर काटने पढ़ते हैं। सॉफ्टवेयर में सुधार कर बिली की सही किया जाए तथा खपत से अधिक उत्पन्न ऊर्जा का भुगतान मी उपभोक्ता की कराया जाए।


