– डिजिटल युग में पुस्तकालयों की बदलती भूमिका पर सेमिनार।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय स्थित सर छोटूराम अभियान्त्रिकी एवं तकनीकी संस्थान में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के मुख्य पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. जे.एन. सिद्दीकी ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को डिजिटल युग में पुस्तकालयों की बदलती भूमिका से अवगत कराया।

मुख्य वक्ता प्रो. जे.एन. सिद्दीकी ने डिजिटल लाइब्रेरी सिस्टम, ई-रिसोर्सेस, रिसर्च मैनेजमेंट टूल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सूचना सेवाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज का पुस्तकालय ज्ञान का भंडार नहीं, बल्कि ज्ञान का मार्गदर्शक बन चुका है। सही सूचना तक सही समय पर पहुंच ही आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
विशेष रूप से इंजीनियरिंग छात्रों के लिए यह सेमिनार अत्यंत उपयोगी रहा। विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय डिजिटल रिसर्च प्लेटफॉर्म्स, कोडिंग रिसोर्सेस, पेटेंट डेटाबेस तथा प्रोजेक्ट और स्टार्टअप आधारित अध्ययन सामग्री के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई। इससे छात्रों को फाइनल ईयर प्रोजेक्ट, इनोवेशन, रिसर्च पेपर लेखन और प्रतियोगी तकनीकी परीक्षाओं की तैयारी में सीधा लाभ मिलेगा, साथ ही वे उद्योग-आधारित नवीनतम तकनीकों से भी अपडेट रह सकेंगे।
अंत में सेमिनार में संस्थान के निदेशक प्रो. नीरज सिंघल ने उपस्थित सभी शिक्षकों कर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि आज पुस्तकालय केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि वे ज्ञान के डिजिटल केंद्र बन चुके हैं। आॅनलाइन डेटाबेस, ई-जर्नल्स और रिसर्च टूल्स के माध्यम से छात्र वैश्विक स्तर की जानकारी तक तुरंत पहुंच बना सकते हैं, जिससे उनकी शोध क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक योग्यता में वृद्धि होती है।
इस सेमिनार के दौरान पुस्तकालय कर्मचारियों को डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन और आधुनिक पुस्तकालय सेवाओं की व्यावहारिक जानकारी मिली, जिससे भविष्य में सेवाओं की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार होगा। डॉ पंकज कुमार, डॉक्टर केपी सिंह इत्यादि मौजूद रहे।


