Homeउत्तर प्रदेशHastinapurहस्तिनापुर में बदहाल सड़कें बनीं विकास में सबसे बड़ी बाधा

हस्तिनापुर में बदहाल सड़कें बनीं विकास में सबसे बड़ी बाधा

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– विकास के दावे और जमीनी हकीकत में नजर आ रहा बहुत बड़ा अंतर।

शारदा रिपोर्टर हस्तिनापुर। इंदिरा कॉलोनी के पास सड़क की इतनी बुरी स्थिति है वहां से गुजना बड़ा ही मुश्किल है। ऐसे में उधर धम्म सुधा पड़ता है, जहां साधना करने के लिए देश विदेश के साधक आते हैं। ऐसे में उनका वहां से निकलना दुश्वार है।

 

 

जहाँ महाभारत कालीन नगरी हस्तिनापुर को पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात एक बार फिर चर्चा में है। हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा हस्तिनापुर को विशेष पहचान दिलाने और इसके विकास की दिशा में प्रयास किए जाने की बात कही गई। लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल उलट नजर आ रही है।

ऐतिहासिक विरासत को संजोने का सपना तब अधूरा लगता है, जब कस्बे की बुनियादी सुविधाएं ही बदहाल हों। हस्तिनापुर की सड़कों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। बरसात होते ही मुख्य मार्गों से लेकर मोहल्लों की गलियों तक पानी भर जाता है। जगह-जगह गड्ढे, टूटी सड़कें और जलभराव के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई इलाकों में हालात ऐसे हैं कि स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण यह नगर जैन, बौद्ध और हिंदू धर्म से जुड़े श्रद्धालुओं के लिए खास महत्व रखता है। दूर-दराज से आने वाले पर्यटक जब खराब सड़कों और अव्यवस्थित यातायात से जूझते हैं तो उनके मन में यहां की छवि नकारात्मक बनती है।

सवाल यह उठता है कि जब बुनियादी ढांचा ही मजबूत नहीं होगा, तो हस्तिनापुर को चंडीगढ़ की तर्ज पर विकसित करने की कल्पना कैसे साकार होगी। नगरवासियों का मानना है कि अगर वास्तव में हस्तिनापुर को पुरातात्विक और सांस्कृतिक स्थल के रूप में विकसित करना है, तो सबसे पहले आधारभूत सुविधाओं पर ध्यान देना होगा। पक्की सड़कें, बेहतर जलनिकासी व्यवस्था, साफ-सफाई और यातायात प्रबंधन के बिना किसी भी बड़े विकास की कल्पना बेमानी है।

लोगों को उम्मीद है कि केंद्र और प्रदेश सरकार मिलकर सिर्फ घोषणाएं ही नहीं, बल्कि ठोस कार्ययोजना के साथ मैदान में उतरेगी। जब तक सड़कों पर भरा पानी नहीं सूखेगा और गड्ढों की जगह समतल सड़कें नहीं बनेंगी, तब तक हस्तिनापुर का चंडीगढ़ की तर्ज पर विकास केवल एक सपना ही बना रहेगा।

 

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