– बोले- सपा ने मुस्लिमों को सिर्फ वोट बैंक समझा, नसीमुद्दीन भी लौटेंगे।
बाराबंकी। राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव और कद्दावर मुस्लिम नेता हाफिज भारती ने सपा छोड़कर एक बार फिर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का दामन थाम लिया है। उन्होंने लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती के आशीर्वाद और प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

बाराबंकी पहुंचने पर हाफिज भारती ने समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सपा ने 95 फीसदी मुस्लिम वोट हासिल करने के बावजूद समाज के दबे-कुचले तबकों के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किया। उनके अनुसार, सपा नेतृत्व अल्पसंख्यकों को केवल वोट बैंक के रूप में देखता है।
बसपा में उन्हें सम्मान, सुरक्षा और राजनीतिक भागीदारी मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में कई बड़े मुस्लिम नेता बसपा में शामिल होने जा रहे हैं, जिससे पार्टी और मजबूत होगी।
पूर्व बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी की वापसी को लेकर पूछे गए सवाल पर हाफिज भारती ने पुष्टि की। उन्होंने बताया कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी भी शीघ्र ही बसपा जॉइन करेंगे। उनके मुताबिक, सिद्दीकी समेत कई अन्य वरिष्ठ नेता और सामाजिक कार्यकर्ता बसपा से जुड़ रहे हैं, और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। हाफिज भारती ने 2027 के विधानसभा चुनाव में बसपा सरकार बनने का दावा भी किया।
हाफिज भारती नवाबगंज नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्ष 2017 में बसपा के टिकट पर रामनगर विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुके थे। उन्होंने बताया कि 2017 में कुछ उम्मीदों के साथ वे समाजवादी पार्टी में गए थे, लेकिन पिछले आठ वर्षों का अनुभव बेहद निराशाजनक रहा।
उन्होंने सपा पर समाज के विकास और अधिकारों की बात पर मौन रहने का आरोप लगाया, जबकि मायावती के बारे में कहा कि वे जो कहती हैं, उसे करके दिखाती हैं। हाफिज भारती ने कहा कि प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था से परेशान है, और बसपा ही उत्तर प्रदेश में दोबारा कानून का राज स्थापित कर सकती है। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ ब्राह्मण, पिछड़ा और मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोगों ने बसपा की सदस्यता ली है, जो एक बड़े सियासी बदलाव का संकेत है।

