Homeउत्तर प्रदेशMeerutMeerut News: पुण्यतिथि के मौके पर महात्मा गांधी को किया गया नमन

Meerut News: पुण्यतिथि के मौके पर महात्मा गांधी को किया गया नमन

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– शहर के राजनीतिक, सामाजिक संगठनों ने लोगों ने प्रतिमा स्थल पर किया माल्यार्पण।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। शुक्रवार को शहर भर में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान गांधीजी के मेरठ से ऐतिहासिक संबंधों (1920 में प्रथम यात्रा) को याद किया गया। जिला प्रशासन, सामाजिक संगठनों और कांग्रेस नेताओं द्वारा बापू को याद कर उनके पदचिह्नों और सिद्धांतों (सत्य-अहिंसा) पर चलने का संकल्प लिया गया।

 

 

 

शुक्रवार को शहर में विभिन्न स्थानों पर में गांधीजी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया गया। कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में डीएम डा वीके सिंह ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ महात्मा गांधी को याद करते हुए दो मिनट का मौन रखा। जिसके बाद उन्होंने सभी से अपने कर्तव्य और जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ करने की बात कही।

 

 

वहीं, महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर नौचंदी मैदान में पहुंचकर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गौरव भाटी और अन्य कांग्रेस कार्यकतार्ओं ने माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव भाटी ने बताया कि, महात्मा गांधी का मेरठ में आना इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना है। 30 जनवरी 1948 को दिल्ली में प्रार्थना के समय गांधी जी शहीद हुए थे। 30 जनवरी को गांधीजी की पुण्यतिथि मनाई जाती है। गांधी जी के विचार हर पीढ़ी को अपने अपने तरीके से प्रेरित करते रहेंगे।

मेरठ का गांधी जी से करीब का नाता रहा है। 22 जनवरी 1920 को पहली बार गांधी जी मेरठ आए थे। मेरठ में राष्ट्रपिता जिन-जिन स्थलों पर गए, उन स्थलों से उनके पदचिह्न कभी मिटने वाले नहीं हैं। इसमें चाहे कैसल व्यू हो, वैश्य अनाथालय, टाउनहाल, डीएन इंटर कॉलेज, मेरठ कॉलेज हो, सनातन धर्मशाला बुढ़ाना गेट हो या फिर असौढ़ा हाउस.. सभी के साथ महात्मा गांधी की याद जुड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि, महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों का प्रयोग कर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक जनांदोलन में बदल दिया। 1915 में भारत लौटने के बाद, उन्होंने चंपारण, खेड़ा, असहयोग, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे प्रमुख अभियानों के जरिए देश को एकजुट किया। जबकि, उनके नेतृत्व में ब्रिटिश शासन की नींव कमजोर हुई और अंतत: भारत को 1947 में आजादी मिली। अहिंसक संघर्ष की विचारधारा में गांधीजी ने सत्य, अहिंसा और सविनय अवज्ञा को मुख्य हथियार बनाया, जिससे स्वतंत्रता आंदोलन को नैतिक आधार मिला।

आपको यह भी बता दें कि, अखिल भारत हिंदू महासभा द्वारा मेरठ के शारदा रोड कार्यालय में हर साल गांधीजी की पुण्यतिथि पर गोडसे का गुणगान करते हुए ‘शौर्य दिवस’ या ‘गांधी वध दिवस’ मनाने की परंपरा रही है। यह दिन मेरठ में गांधीजी के प्रति श्रद्धा और उनके हत्यारों के समर्थकों की गतिविधियों के बीच विरोधाभासी रूप से मनाया जाता है।

दो मिनट का मौन, शहीदों को दी श्रद्धांजली

मेरठ। कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डा0 वीके सिंह द्वारा भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणो की आहूति देने वाले शहीदो की स्मृति में दो मिनट का मौन धारण किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी नगर बृजेश सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त सूर्य कान्त त्रिपाठी सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कलेक्ट्रेट के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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