- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। पहले बसंत पंचमी और फिर 27 जनवरी को मौसम विभाग द्वारा की गई भविष्यवाणी सटीक साबित हुई। हालांकि, सोमवार को निकली धूप से ऐसा माना जा रहा था कि, मंगलवार को भी मौसम साफ रहेगा। लेकिन, सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और करीब ग्यारह बजे झमाझम बारिश शुरू हो गई। जिसके चलते एक बार फिर शहरवासियों को ठंड का अहसास होने लगा। वहीं मौसम विभाग के वैज्ञानिकों की मानें तो आने वाले दिनों में मौसम यूं ही करवट लेता रहेगा।

भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एम. शमीम ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह मौसमी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि बारिश से मौसम बदलेगा। तापमान में गिरावट के साथ ठंड और बढ़ेगी। बदलते मौसम के मिजाज से जहां एक ओर लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर बारिश के चलते वायु प्रदूषण के स्तर में कमी आ गई। सड़कों पर आवाजाही कर रहे लोगों को ठंड और हवा से परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिसके चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शीतलहर का असर लगातार बढ़ रहा है।

कई शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में, स्थानीय प्रशासन द्वारा सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मंगलवार को आसमान में बादल छाए रहे। कहीं-कहीं बूंदाबांदी और बारिश होने लगी।
मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई थी। मंगलवार को सुबह से ही मौसम बदला हुआ रहा। सुबह कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने लगी। तेज हवाओं के चलते तापमान में और गिरावट आई, जिससे ठंड का प्रकोप बढ़ गया।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सुबह से ही आसमान पर घने बादल छा गए और सुबह करीब साढ़े दस बजे जिले में कई जगह बारिश होने लगी। तेज हवाओं के साथ शीतलहर का असर बढ़ गया। मौसम में आए इस बदलाव ने लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करने पर मजबूर कर दिया है।


