– वाहनों के बीच एंबुलेंस भी फंसी नजर आई।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था एक बार फिर पूरी तरह चरमराती दिखी। मेरठ में बच्चा पार्क से लेकर हापुड़ अड्डे तक का मुख्य मार्ग घंटों जाम की गिरफ्त में रहा। हालत ये रही कि चार पहिया वाहन तो दूर, दोपहिया चालकों को भी गाड़ियों के बीच से निकलने की जगह नहीं मिल पा रही थी।
सुबह से शुरू हुआ ट्रैफिक दबाव दोपहर तक विकराल रूप लेता गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बीच-बीच में एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं के वाहन भी जाम में फंसे नजर आए, जिससे लोगों में नाराज़गी साफ देखी गई। इंच-इंच सरकते वाहन चौराहों पर बिना ट्रैफिक कंट्रोल के हालात और बिगड़ते चले गए।
कई जगहों पर वाहन चालक खुद ही रास्ता बनाने की कोशिश करते दिखे, जिससे जाम खुलने के बजाय और उलझता गया। कुछ दोपहिया चालक फुटपाथ और गलत दिशा से निकलने की कोशिश करते दिखे, जिससे अव्यवस्था और बढ़ गई।
जाम में फंसे लोगों का कहना है कि इस रूट पर जाम अब रोज़ की समस्या बन चुका है। “पंद्रह मिनट का रास्ता डेढ़ घंटे में तय हो रहा है। ट्रैफिक पुलिस कहीं दिखाई ही नहीं देती।
जाम की ये रही बड़ी वजहें-
– सड़क किनारे अवैध पार्किंग।
– ई-रिक्शा और टेंपो की मनमानी रुकावट चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की गैरमौजूदगी।
– बाजार क्षेत्र होने की वजह से बढ़ता दबाव।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल इस रोड पर ट्रैफिक प्रबंधन पूरी तरह फेल साबित हो रहा है। त्योहारों और शादी सीजन में स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नजर नहीं आता।


