– वीआईपी इलाके भी बने जलभराव के केन्द्र, गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए बने जानलेवा।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। कैंट क्षेत्र विशेषकर कैंट के मुख्य बाजार के आसपास की सड़कें बदहाल हैं, जहां गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए जानलेवा बन गए हैं। छावनी परिषद के अंतर्गत आने वाले ये वीआईपी इलाके भी अब टूटी सड़कों और जलभराव के कारण दुर्घटनाओं का केंद्र बन गए हैं।
स्मार्ट कैंट में टूटी सड़कों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। छह वर्ष से छावनी के रिहायशी क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण नहीं हुआ है। जबकि, जनप्रतिनिधियों के साथ छावनी के मनोनीत पार्षद डॉ. सतीश चंद्र शर्मा लगातार सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं।

बोर्ड अध्यक्ष बिग्रेडियर राजीव कुमार ने पूर्व कैंट में सड़क निर्माण और पेचवर्क कराने का आश्वासन दिया था। इस बीच लखनऊ मध्य कमान निदेशक ने भी कैंट क्षेत्र का निरीक्षण किया। तीन माह बीतने के बाद भी सड़कों का निर्माण नहीं हुआ है। सदर, लालकुर्ती, रजबन क्षेत्र में कोई भी ऐसी नहीं सड़क नहीं है, जिसमें गहरे गड्ढे न हों। सीवर के ढक्कन भी सही नहीं होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापारियों का कहना है कि, कैंट में सड़क निर्माण को लेकर कैंट बोर्ड अधिकारियों को शिकायत पत्र भी भेजे जा रहे हैं। जल्द ही अगर सड़क निर्माण नहीं हुआ संयुक्त व्यापार संघ अब आंदोलन के लिए विवश होगा।
उन्होंने कि दाल मंडी, ढोलकी मोहल्ला, सब्जी मंडी से लेकर आबूलेन फव्वारा चौक तक सड़क टूटी है और सीवर के ढक्कन भी ऊपर उठे हुए हैं। आए दिन स्कूली बच्चे, व्यापारी और अन्य लोग भी दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। व्यापारी नेता सुनील दुआ का कहना है कि टूटी सड़कों पर चलने पर ग्राहक भी चोटिल हो रहे हैं। ऐसे में सड़क निर्माण आवश्यक है।


