Homeउत्तर प्रदेशMeerutMeerut: कपसाड़ गांव में लगाई 38 स्थानों पर पुलिस पिकेट की बाड़

Meerut: कपसाड़ गांव में लगाई 38 स्थानों पर पुलिस पिकेट की बाड़

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– बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पाबंदी, 24 घंटे निगरानी, वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर से भी निकाला जा रहा पता।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। कपसाड़ कांड की पीड़िता रूबी के घर पहुंचने के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्ती पहले से ज्यादा बढ़ा दी है। गांव से जुड़ी हर सीमा को सील कर 24 घंटे निगरानी कराई जा रही है। केवल गांव के व्यक्ति को ही मुख्य मार्ग से आने जाने की अनुमति है। आधार कार्ड के साथ साथ खुद को कपसाड़ निवासी बताने वाले व्यक्ति के वाहन का पंजीकरण तक देखा जा रहा है। जिस तरह के हालात हैं, उसके बाद फिलहाल कोई राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है।

 

 

कपसाड़ की घटना के बाद हर दिन गांव के हालात बदल रहे हैं। एक अजीब सा सन्नाटा गांव में पसर गया है। इसकी वजह हर दिन बरती जा रही सख्ती है, जिसमें फिलहाल कोई ढील मिलती दिखाई नहीं दे रही है। 12 घंटे की ड्यूटी लगा दी गई है, जिसमें थानेदार से लेकर डिप्टी एसपी, एडिशनल एसपी तक शामिल हैं।

डीआईजी/एसएसपी डा. विपिन ताडा भी दिन में दो बार गांव पहुंचकर वहां का जायजा लेते हैं। यहां तक कि डीआईजी रेंज कलानिधि नैथानी और एडीजी जोन भानु भास्कर तक यहां नजर बनाए हैं।
जिस तरह की व्यवस्था बनाई गई है, उसके अनुसार तय कर दिया गया है कि जिसके पास कपसाड़ गांव की आईडी होगी उसे ही केवल आने जाने की अनुमति मिलेगी। पुलिस वाहन चालक की आईडी देखती है। शक होने पर उसके वाहन के पंजीकरण नंबर से पते का मिलान किया जाता है। संतुष्टि के बाद ही अंदर प्रवेश दिया जाता है।

38 प्वाइंट पर पुलिस ड्यूटी लगाई गई

अटेरना पुल से कपसाड़ गांव की दूरी तकरीबन तीन किलोमीटर है। नानू पुलिस चौकी के सामने से ही वाहनों को डायवर्ट किया जा रहा है। ऐसे में कपसाड़ गांव तक तीन से चार स्थान पर अस्थाई पुलिस चेकपोस्ट तैयार की गई है। अफसरों की मानें तो 38 ड्यूटी प्वाइंट बनाए गए हैं, जिन पर पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है। कोशिश यही है कि आउट साइडर गांव में घुसकर माहौल खराब करने की साजिश ना रच पाए।

आस पास का बाजार हुआ प्रभावित

कपसाड़ नहर पटरी मार्ग से सटा है, जहां पुलिस का डेरा है। पुलिस की सख्ती का असर ही कहेंगे कि यहां जितनी दुकानें संचालित थीं, उनमें से 80 प्रतिशत बंद चल रही हैं। दुकानदार कुछ बोल भी नहीं पा रहे हैं। एक दुकानदार ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि ग्राहक नहीं आने से काम जीरो हो गया है। अटेरना पुल से कपसाड़ के बीच काफी ऐसे खेत हैं, जहां मजदूर काम करने आते हैं। दो दिन से खेत पर काम बंद हैं। मजदूरों पर कपसाड़ की आईडी ना होना इसकी वजह है।

 

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