– मेडा ने साधी चुप्पी, शिकायतों के बावजूद निर्माण जारी।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। लोहियानगर क्षेत्र के फतेउल्लापुर रोड पर स्थित न्यू इस्लामनगर में 40 बीघा जमीन पर एक अवैध कॉलोनी का निर्माण हो रहा है। स्थानीय निवासियों की ओर से महीनों से शिकायतें, खबरें और दस्तावेज सामने आने के बावजूद मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

स्थानीय लोगों ने इस संबंध में कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। मौके पर आज भी निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी रहा। शिकायत के बावजूद एमडीए का कोई अधिकारी निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचा।
निर्माण सामग्री जैसे ईंट, सीमेंट और सरिया खुलेआम साइट पर पहुंचाई जा रही है।निवासियों का आरोप है कि एक नामी प्रॉपर्टी डीलर इस अवैध निर्माण का संचालन कर रहा है। बताया जा रहा है कि उसके संबंध एमडीए के अधिकारियों से हैं। इसी कारण अवैध निर्माण पर न तो कोई नोटिस जारी किया गया है, न ही सीलिंग की कार्रवाई हुई है और न ही बुलडोजर चलाया गया है।
उल्लेखनीय है कि तीन महीने पहले इसी इलाके में एक एमडीए कर्मचारी की मौत के बाद प्राधिकरण ने सख्ती दिखाई थी। उस समय बुलडोजर चलाए गए थे और बड़े-बड़े वादे किए गए थे। हालांकि, अब अवैध कॉलोनी फिर से बन रही है और पिछली सख्ती गायब हो चुकी है। इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी फोन पर भी उपलब्ध नहीं हैं।
जोनल अधिकारी से संपर्क करने के कई प्रयास किए गए, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इलाके में चर्चा है कि आरोपी डीलर महताब मलिक खुद को सत्ता से जुड़ा बताकर खुलेआम दबंगई दिखा रहा है। वह भाजपा के शीर्ष नेताओं तक पहुंच होने का दावा कर लोगों को डरा रहा है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए, यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या एमडीए भ्रष्टाचार में लिप्त है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि कानून केवल गरीबों और कमजोरों पर लागू होता है, जबकि अवैध कॉलोनियों के मामले में प्रशासन की भूमिका पर संदेह गहरा रहा है।

