अलीगढ़। विश्वविद्यालय (एएमयू) के हॉस्टल में छात्रा ने पिता को वीडियो कॉल कर फांसी लगा ली। पिता सऊदी में रहते हैं। वो बार-बार बेटी को समझाते रहे, उनकी बात मानने की मिन्नतें करते रहे, लेकिन वो नहीं मानी। पिता के सामने ही सुसाइड कर लिया।

पिता ने एएमयू में काम करने वाले एक परिचित को फोन किया। उन्हें पूरी बात कराकर फौरन बेटी इंशाह फातिमा (20) के पास भेजा। उन्होंने पुलिस और हॉस्टल प्रशासन को सूचना दी और खुद भी भागकर हॉस्टल पहुंचे। लेकिन, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी तो छात्रा पंखे के सहारे फंदे से लटकी हुई थी। उसे तुरंत जेएन मेडिकल कालेज ले जाया गया। डॉक्टर्स ने उसका इलाज शुरू किया। इस दौरान उसने दम तोड़ दिया। परिजन सऊदी से अलीगढ़ के लिए रवाना हो गए हैं। उनके आने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। घटना सोमवार रात की है।
डिप्लोमा कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करती थी: इंशाह फातिमा मूल रूप से आजमगढ़ के बाज बहादुर क्षेत्र की रहने वाली थी। एएमयू के सरोजनी नायडू हॉस्टल में रहकर डिप्लोमा कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रही थी। वह लास्ट ईयर की स्टूडेंट थी। कमरे में अकेले रहती थी। उसके पिता सऊदी अरब में रहते हैं।
सोमवार रात करीब 7.15 बजे वह सऊदी में अपने पिता से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। फोन पर बात करते हुए वो पंखे पर फंदा लगाने लगी। पिता ये देखकर सन्न रह गए। उन्होंने बेटी को समझाया। लेकिन, वह नहीं मानी। उसने कैमरा आॅन रखा।
पिता ने सऊदी से अटव में अपने एक दोस्त को बेटी के पास जाने को कहा। इस दौरान वह बेटी से फोन पर लगातार बात करते रहे। 10 मिनट के अंदर दोस्त मौके पर पहुंच गया। लेकिन, तब तक इंशाह सुसाइड कर चुकी थी।
पिता के दोस्त हॉस्टल प्रशासन और प्राक्टोरियल टीम के साथ इंशाह फातिमा के कमरे तक पहुंचे। सूचना देकर सिविल लाइंस थाने की पुलिस बुलाई गई। इंशाह के कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। देखा तो अंदर वह पंखे के सहारे फंदे पर लटकी थी। उसने फौरन एम्बुलेंस से जेएन मेडिकल कालेज ले जाया गया। आईसीयू में तीन घंटे तक उसे बचाने की कोशिश की गई, लेकिन रात करीब 10.30 बजे उसने दम तोड़ दिया।
इधर, पुलिस ने हॉस्टल का कमरा सील कर दिया। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। कमरे की तलाशी ली गई, लेकिन मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। थोड़ी देर बाद अटव की वीसी नईमा खातून और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने उनसे भी सवाल-जवाब किए। परिजन को फोन करके बेटी की मौत की सूचना दी गई।
प्रॉक्टर वसीम अली ने बताया कि छात्रा के सुसाइड की कोशिश करने की सूचना मिली थी। उसे फौरन इलाज के लिए जेएन मेडिकल कालेज ले जाया गया। वहां पर उसका काफी देर तक इलाज हुआ, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। छात्रा ने इस तरह का कदम क्यों उठाया, अभी इसका पता नहीं चल पाया है। मामले की छानबीन की जा रही है।

