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Meerut: किसान दिवस में जा रहे किसानों को पुलिस ने रोका, दारोगा और किसानों में तीखी बहस

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– सड़क पर धरना, थाना प्रभारी ने मांगी माफी।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। किसान दिवस की बैठक के दौरान एक विवाद सामने आया। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ता विकास भवन में होने वाली बैठक में जा रहे थे। लालकुर्ती थाने के दारोगा वीरेंद्र सिंह ने रक्षा लेखा नियंत्रण कार्यालय के बाहर उनकी गाड़ियां रोक लीं।

किसानों ने अपना परिचय देने की कोशिश की, लेकिन दारोगा ने उनकी बात नहीं सुनी। इस खबर के फैलते ही भाकियू के जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी समेत बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए। दारोगा और किसानों के बीच तीखी बहस हुई। किसान वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए।

स्थिति को संभालने के लिए लाल कुर्ती थाना प्रभारी हरेंद्र जादौन मौके पर पहुंचे। उन्होंने हाथ जोड़कर माफी मांगी, लेकिन किसान नहीं माने, किसानों को समझाने कैसे लिए दौराला सीओ प्रकाश चंद अग्रवाल और प्रशासनिक अधिकारी रश्मि सिंह भी किसानों को मनाने की कोशिश कर रही हैं। किसानों का कहना है कि दारोगा का रवैया उचित नहीं था।

अनुराग चौधरी का कहना है कि जिले के प्रशासनिक अधिकारी किसान दिवस की बैठक को बंद करना चाहते हैं। इसी वजह से उनके इशारे पर पुलिस किसानों को बैठक में जाने से रोक रही है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि पुलिस का रवैया किसानों के प्रति बहुत गलत हैं। जब दारोगा से रोकने का कारण पूछा तो उनके साथ भी अभद्रता की गई।

किसानों के आक्रोश के बाद दरोगा वीरेंद्र सिंह पर उनके सहयोगी दरोगा पूजा यादव मौके से चली गईं। किसानों ने अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई, लेकिन अधिकारी कुछ नहीं बोले। उन्होंने कहा कि यदि दारोगा माफी मांगता है तो धरना खत्म कर दिया जाएगा।

धरने की सूचना मिलते पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उनके सामने ही किसानों ने दारोगा और अन्य पुलिस कर्मियों पर खुलेआम रिश्वत लेने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि थानों में किस तरह पीड़ित को न्याय मिलता है इसकी जानकारी सभी को है।

 

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