प्राइवेट हॉस्पिटल संचालक वेलफेयर एसोसिएशन ने की जिलाधिकारी से मांग।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। जीवन हॉस्पिटल का पंजीकरण बहाल किए जाने को लेकर सोमवार को प्राइवेट हॉस्पिटल संचालक वेलफेयर एसोसिएशन के दर्जनों सदस्य कलक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एक ज्ञापन डीएम कार्यालय पर सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से बताया कि जीवन हॉस्पिटल में सुरैया का इलाज जनरल सर्जन डॉक्टर साकिब एमबीबीएस एमएस द्वारा किया गया। डॉ. साकिब को जीवन हॉस्पिटल में आॅन कॉल नियुक्त किया गया है। डॉक्टर साकिब ने मरीज को पिगटेल कैथेटर डालने की सलाह दी थी। पिगटेल कैथेटर जब लीवर में पास पड़ जाता है तो, अल्ट्रासाउंड द्वारा पिगटेल कैथेटर लीवर के अंदर डाल दिया जाता है। जिससे वह पस नली द्वारा नीचे बैग में एकत्रित हो जाता है। मरीज को सभी खतरों एवं इलाज के बारे में समझा दिया गया था।
उन्होंने बताया कि पिगटेल कैयेटर डॉक्टर यशवीर ने एनबीबीएस एमएस के द्वारा शीला डायग्नोस्टिक सेंटर जागृति विहार में डाली थी। डॉक्टर यशवीर पिगटेल कैथेटर डालने के लिए समर्थ है। जिसका रिकॉर्ड भी अस्पताल के पास उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्ष से जीवन हॉस्पिटल मरीज को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहा है और मरीजों को कोई भी परेशानी या शिकायत नहीं हुई है।
जीवन हॉस्पिटल के साथ 25 से 30 परिवार जुड़े हैं, जिनकी जीविका हॉस्पिटल पर निर्भर है। बताया कि, जीवन हॉस्पिटल में भर्ती हुए मरीज सुरैया का इलाज सही हुआ था। सुरैया व तीमारदार द्वारा कोई शिकायत नहीं की गई थी और ना ही जीवन हॉस्पिटल ने सुरैया मर्जी से कोई पैसे लिए गए थे। इसलिए सभी सदस्य यह मांग करते हैं कि, जीवन हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन बहाल किया जाए।
अस्पताल संचालकों ने सर्वोदय हॉस्पिटल के संचालक डॉ नागेंद्र द्वारा आयुष्मान लाभार्थी से पांच हजार रुपये लिए जाने पर भी कार्रवाई की मांग की।


